Positive Parenting Tips: बच्चों का जिद्दी होना नॉर्मल बात है लेकिन बच्चों की बार-बार जिद करने की आदत को नजरअंदाज करना आपके बच्चे के लिए सही नहीं है।

इस तरह से उनके व्यवहार में जिद करने की आदत बनती जाएगी और बच्चा चिड़चिड़ा और गुस्सैल होता जाएगा जिसका नकारात्मक प्रभाव आगे चलकर बच्चे के भविष्य पर भी पड़ सकता है। इसलिए, इससे बचने के लिए पेरेंट्स को बच्चों की जिद करने की आदत को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। अब इसके लिए पेरेंट्स क्या कर सकते हैं आइये जानते हैं-
बच्चों पर चिल्लाएं नहीं

अगर आपके बच्चे जिद्दी हैं तो आप उन पर चीखें-चिल्लाएं नहीं बल्कि उन्हें प्यार से हैंडल करें। शांत रहने पर बच्चे भी ज्यादा गुस्सा नहीं करेंगे और आप उनको सही और गलत के बीच में फर्क समझा सकेंगे। और कभी-कभी अपने बच्चे की पसंदीदा चीजों को उनसे करवा लेना चाहिए, इससे उनका मुड अच्छा रहेगा।
बच्चों को समय दें

आपको अपने बच्चे को समय देना चाहिए और आपके बच्चे के साथ पूरे दिन में क्या-क्या हुआ सब कुछ जानना चाहिए। अगर आप उनको थोड़ा समय देंगे तो उनको अच्छा लगेगा और इससे वो आपकी बातों को भी अच्छे से सुनेंगे और समझेंगे। आप उनके साथ बैठें और वे जो कर रहे हैं उसमें रुचि दिखाएं तो आपका बच्चा भी खुश रहेगा और आपकी बातों को समझेगा।
बच्चों के मन की बात समझें

अपने बच्चों के मन की बात को समझने की कोशिश करें। कई बार बच्चे पेरेंट्स का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए भी जिद करते हैं। ऐसे में हो सकता है कि आपके बच्चे को किसी बात से दिक्कत हो और वो आपसे कह नहीं पा रहा हो। इसलिए उनकी हरकतों को देखकर उसे समझने की कोशिश करें।
बच्चे को बोलने का मौका दें

अपने बच्चे को अपनी बात बोलने का मौका दें बच्चों पर केवल अपनी ही बात न थोपें बल्कि उनको भी अपनी बात को कहने का मौका दें। अगर आप उनको बोलने का मौका देंगे, तो बच्चा भी आपको सुनने की कोशिश करेगा। साथ ही आपसे अपनी बातें भी शेयर कर पाएंगे। क्योंकि समझने और समझाने से बच्चों के साथ हेल्दी रिलेशन बना रहता है।