
Braj Holi 2024: ‘मथुरा’ की होली का तो हर कोई ‘दीवाना’ है। और हो भी क्यों न ? ये त्यौहार ही खुशियों का है। इस दिन हर कोई अपने सारे गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को गले लगाकर यह त्यौहार मनाते हैं। यह त्यौहार ब्रज की होली को सबसे आकर्षक और खास माना जाता है। रंगों का यह त्यौहार श्रीकृष्ण की नगरी ‘मथुरा’ में 40 दिनों तक चलता है जो बसंत के आगमन के साथ ही शुरू हो जाता है।
ब्रज की होली क्यों है खास ?

ब्रज की होली का विशेष ‘महत्व’ बताया गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में जहां रंग, गुलाल और पानी से होली खेली जाती है। वहीं ब्रज में रंग-गुलाल के अलावा लट्ठमार, छड़ीमार, लड्डू और फूलों वाली होली मनाई जाती है। ब्रज की होली में ‘लट्ठमार’ होली सबसे खास होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने राधा रानी और गोपियों के साथ लट्ठमार होली खेली थी। इसके बाद से ही यहां लट्ठमार होली खेलने की परंपरा शुरू हुई।
लठमार होली का ‘महत्त्व’

लठमार होली ‘नारी सशक्तिकरण’ का प्रतिनिधित्व करती है। जिसमें नारियों को खुद अपनी रक्षा के लिए सक्षम करने के लक्ष्य को अपनाने के लिए लठमार होली का समावेश किया गया। नारी को अबला से सबला बनाए जाने का ‘लक्ष्य’ ही लठमार होली का महत्त्व है।
ब्रज का होली कैलेंडर 2024 ;

24 मार्च 2024, रविवार: होलिका दहन (द्वारकाधीश मंदिर डोला, मथुरा विश्राम घाट, बांके बिहारी वृंदावन में)

25 मार्च 2024, सोमवार: पूरे ब्रज में होली का उत्सव

26 मार्च 2024, मंगलवार: दाऊजी का हुरंगा

30 मार्च 2024, शनिवार: रंग पंचमी पर रंगनाथ मंदिर में होली।