
Vaastu Tips: घर का मुख्य द्वार हमारे घर की पहचान होता है, जहां केवल हम ही प्रवेश नहीं करते हैं, बल्कि यह ऊर्जा का भी रास्ता होता है। इसके अलावा घर में आने वाले सभी लोग घर के मुख्य दरवाजे से ही आते हैं। वास्तुशास्त्र में भी मेन गेट को बहुत महत्व दिया गया है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, अगर घर का मेन गेट बनवाते समय ध्यान न दिया जाए तो ये आपके जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रभावित करती हैं और अनचाही परेशानियां भी सामने आती रहती हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में प्राकृतिक ऊर्जा का प्रवेश एक अच्छी जगह से हो तो, इसके लिए जरूरी है कि सभी नियमों और सिद्धांतों का पालन किया जाएं। आइए जानते हैं….
आपने अधिकतर बड़े-बडे दरवाज़ों वाले घरों में देखा होगा कि उसमें एक छोटा गेट भी होता है। लोग बड़े दरवाजे में अपनी सुविधा के लिए छोटा गेट लगवाते हैं, लेकिन इसका वास्तु शास्त्र में भी बहुत महत्व है। मुख्य द्वार के पास एक अन्य छोटा गेट लगाने से कर्ज से छुटकारा मिलता है। और इसके अलावा कर्ज से मुक्ति पाने के लिए घर की ‘उत्तर या पूर्व’ दिशा में एक या दो खिड़की जरूर बनवाएं और दिन के समय उन्हें खोल दें।

माना जाता है कि परिवार की आर्थिक स्थिति के साथ परिवार का सुख एवं खुशहाली भी घर के मुख्य दरवाजे पर ही निर्भर करती है तो आइए वास्तु के अनुसार, जानते हैं कि घर का दरवाजा कैसे आपकी ‘किस्मत’ खोल सकता है!
वास्तु के मुताबिक, घर का मुख्य दरवाजा जमीन से रगड़कर खुलना अच्छा नहीं होता है इससे आर्थिक मामले में संघर्ष एवं धन कमाने के लिए अधिक परिश्रम करना पड़ता है।

घर का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की ओर खोलना चाहिए। दरवाजा बाहर की ओर खोलना शुभ नहीं माना जाता, इससे पॉजिटिव ऊर्जा का आगमन बंद हो जाता है और घर की आर्थिक स्थिति पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

दरवाजे के आस पास गन्दगी बिलकुल भी नहीं होनी चाहिए साथ ही डस्टबिन या किसी तरह का कबाड़ नहीं रखना चहिए। इससे पारिवारिक उन्नति में बाधा उत्पन्न होती है तथा धन हानि एवं नुकसान भी होता है।

मुख्य द्वार के आस-पास कांच का टूटा या चिटका हुआ सामान कभी नहीं रखना चाहिए क्योंकि घर के मेन गेट पर ऐसी वस्तुएं रखने से पारिवारिक रिश्तों में कलह बढ़ती है और कुछ ही दिनों में रिश्ता ‘खत्म’ होने के कगार पर भी आ सकता है।

घर के मेन गेट पर खंभे या किसी अन्य चीज की छाया पड़ते रहना भी ‘अशुभ’ माना जाता है। इससे घर में निर्धनता आती है। यदि मुख्य द्वार पर किसी प्रकार की छाया पड़ रही हो तो, ऐसे दरवाजे के दोनों तरफ कुमकुम, रोली, केसर या हल्दी को घोलकर उनसे स्वास्तिक या ॐ का शुभ चिन्ह बनाएं।

मुख्य द्वार पर न रखें जूते-चप्पल

घर के मुख्य द्वार पर जूते चप्पल नहीं रखने चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार से मां लक्ष्मी प्रवेश करती हैं। यदि आप वहां जूते चप्पल रखेंगे तो मां लक्ष्मी आपसे रूठ जाएंगी जिससे घर में धन हानि होने लगती है। और घर में नेगेटिव ऊर्जा का भी आगमन होने लगता हैं।
मुख्य द्वार पर न रखें झाड़ू

झाड़ू को माता लक्ष्मी का रूप माना गया है और इसीलिए इसे कभी भी मुख्य द्वार के पास नहीं रखना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार झाड़ू पर किसी बाहरी इंसान की नजर भी नहीं पड़नी चाहिए। इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां से कोई भी बाहरी व्यक्ति इसे देख न पाए।