
Good Touch and Bad Touch: जैसे ही आपका बच्चा, आपकी नज़रों से हटता है क्या आप परेशान हो जाते हैं ? आप को समझ नहीं आता कि आप बच्चे के साथ किसको छोड़े और किसको नहीं ? बच्चों की सेफ़्टी को लेकर आप बहुत परेशान रहते हो। ऐसे में हम आपको बताएँगे कि आप बच्चों को यौन शोषण से कैसे बचा सकते हैं?
बच्चों को गुड टच और बैड टच में अंतर सिखाना क्यों ज़रूरी है ?
आजकल बच्चों के साथ यौन शोषण की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। रिसर्च के अनुसार, 90% बच्चों का यौन शोषण परिचित लोगों द्वारा किया जाता है और केवल 10 % बच्चे ही अजनबी लोगों का यौन शिकार बनते हैं। इसलिए पेरेंट्स की ज़िम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसे बुरे व्यक्तियों से बचाने के लिए अच्छे और बुरे टच में अंतर सिखाएँ ।
गुड टच क्या है ?

अगर किसी के टच करने से आपको अच्छा फ़ील होता है या आप स्नेह महसूस करते हैं तो यह ‘गुड टच’ कहलाता है। जैसे आप अपनी माँ के गले लगते है, पिता का गुडनाइट किस, दादा-दादी का अपनी गोद में लेना या दोस्तों का हाथ पकड़ना गुड टच है।
बैड टच क्या है ?

जब कोई आपको इस तरह से छूता है कि आप असहज महसूस करते हैं या फिर उस व्यक्ति का छूने का तरीक़ा आपको बुरा लगता है, तो यह ‘बैड टच’ कहलाता है। इसके अलावा कोई व्यक्ति आपके प्राइवेट पार्ट्स को छूता है तो यह भी बैड टच है।
पेरेंट्स बच्चों को good touch and bad touch बताना तो चाहते हैं, लेकिन वे इस बारे में बात करते हुए बहुत हिचकिचाते हैं। फिर यही हिचकिचाहट आप के बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है:
बच्चों को Good Touch और Bad Touch के बारे में कैसे बताएं ?
बच्चों के साथ अच्छी बॉंडिंग बनाये

चाहे आप वर्किंग पेरेंट हो या न हो, बच्चे के साथ वक्त जरूर बिताएँ। बच्चों के रूटीन, उनके दोस्तों व दिन में किस-किस से मिलते हैं, उसकी जानकारी जरूर रखें। बच्चों को विश्वास दिलाएं कि अगर उनसे कोई भी गलती हो जाती है, तो वे आपको बता सकते हैं और आप बच्चों को डाटेंगे नहीं। तभी बच्चे आपको Good Touch और Bad Touch के बारे में बता पाएँगे।
प्राइवेट पार्ट्स के बारे में दें जानकारी

इसके लिए स्विमसूट रुल्स की मदद ले। बच्चों को समझाएं कि बॉडी के जो पार्टस स्विम सूट से ढके रहते हैं, वे बच्चों के प्राइवेट पार्ट्स होते हैं। इन पार्ट्स को किसी को भी छूने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। इस तरह से बच्चे अपनी सेफ़्टी कर पाएँगे।
बच्चे को ‘न’ कहना सिखाएं

बच्चे बहुत ही कोमल होते हैं। अगर बच्चों को कोई चाकलेट या टाफी का लालच देता है तो बच्चे तुरंत उनके बहकावे में आ जाते हैं इसलिए बच्चों को न कहना सिखाएं। अगर पेरेंट्स आस-पास नहीं है, तो वे किसी से भी कोई चीज़ न ले।
माता-पिता बच्चों को समझाएं~

पेरेंट्स बच्चों को समझाएं कि वे किसी की सामने कपड़े न बदले।
अगर पेरेंट्स की उपस्थिति में डॉक्टर बच्चों के शरीर को टच करते हैं तो यह गुड टच है।
अपने बच्चों को यह विश्वास दिलाएं कि आप हमेशा उनके साथ है।
बच्चे से बताएं कि अगर कोई उनके प्राइवेट पार्ट्स पर हाथ रखने की कोशिश करता है तो वे उसी समय ज़ोर से शोर मचाये और अपने पेरेंट्स को जरूर बताएं !