करेले का नाम आते ही ज़्यादातर लोग मुंह बिगाड़ लेते हैं। खासतौर पर बच्चे इसे खाने से बचते हैं। मगर सच तो यह है कि करेले को अगर सही तरीके से बनाया जाए तो यह बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद व्यंजन बन सकता है। खास बात यह है कि करेले का अचार, दादी-नानी के जमाने की ऐसी रेसिपी है, जिसे एक बार खा लिया तो इसके बिना थाली अधूरी लगेगी।
यह अचार न सिर्फ खाने में खट्टा-मीठा और चटपटा होता है, बल्कि लंबे समय तक सुरक्षित भी रहता है। चलिए जानते हैं करेले के अचार की पूरी कहानी, इसके फायदे, बनाने का तरीका और क्यों यह आज भी हर घर में पसंदीदा है।
करेले का अचार क्यों है खास?
करेले में मौजूद पोषक तत्व इसे बेहद फायदेमंद बनाते हैं। इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। करेले को दवाई के तौर पर भी देखा जाता है, खासकर डायबिटीज़ मरीजों के लिए। मगर जब यही करेला अचार के रूप में तैयार होता है तो यह खाने में स्वाद और सेहत दोनों का खजाना बन जाता है। दादी-नानी कहती थीं कि करेले का अचार गर्मियों में पाचन के लिए बेहद अच्छा होता है। साथ ही इसे खाने से भूख भी बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है।
करेले का अचार बनाने के लिए जरूरी सामग्री
करेले का अचार बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की ज़रूरत नहीं होती। घर की रसोई में मिलने वाले सामान्य मसालों से यह आसानी से तैयार हो जाता है।
- करेला – 500 ग्राम
- सरसों का तेल – 1 कप
- नमक – स्वादानुसार
- हल्दी पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- सौंफ – 2 छोटे चम्मच
- मैथी दाना – 1 छोटा चम्मच
- कलौंजी – आधा छोटा चम्मच
- हींग – चुटकीभर
- नींबू का रस – 3 बड़े चम्मच
करेले का अचार बनाने की विधि
स्टेप 1: करेले की सफाई
सबसे पहले करेले धोकर उनके बीज निकाल दें। चाहें तो हल्का नमक लगाकर इन्हें 2–3 घंटे के लिए रख दें, ताकि कड़वाहट निकल जाए। बाद में अच्छी तरह पानी से धो लें।
स्टेप 2: मसाले तैयार करना
सौंफ, मैथी दाना और कलौंजी को हल्का सा भून लें और दरदरा पीस लें। इससे अचार में एक अलग सुगंध और स्वाद आएगा।
स्टेप 3: तेल गर्म करना
कढ़ाई में सरसों का तेल डालकर धुआं निकलने तक गर्म करें। फिर गैस धीमी कर दें और उसमें हींग, हल्दी डालें।
स्टेप 4: करेले डालना
अब करेले डालकर हल्का सा भून लें। उसके बाद लाल मिर्च पाउडर, तैयार किया हुआ मसाला और नमक डाल दें।
स्टेप 5: नींबू का रस मिलाना
अंत में नींबू का रस डालकर अच्छे से मिलाएं। ठंडा होने पर साफ और सूखे जार में भर दें। यह अचार तुरंत भी खाया जा सकता है, लेकिन 2–3 दिन बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
करेले के अचार के फायदे
- पाचन में मददगार – करेले का अचार खाने से भूख बढ़ती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है।
- डायबिटीज़ के मरीजों के लिए अच्छा – करेले में मौजूद गुण रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
- लंबे समय तक टिकाऊ – एक बार बन जाने पर महीनों तक खराब नहीं होता।
- भूख बढ़ाने वाला – चटपटा स्वाद खाने के शौकीनों को खासतौर पर पसंद आता है।
करेले का अचार और भारतीय परंपरा
भारत में अचार केवल खाने का हिस्सा नहीं बल्कि परंपरा का हिस्सा भी है। हर घर में अचार की अलग रेसिपी मिलती है। करेले का अचार भी उन्हीं खास व्यंजनों में से एक है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा है। गांवों में दादी-नानी बड़े प्यार से अचार बनाकर स्टील या कांच के जार में भरती थीं और सालभर उसका आनंद लिया जाता था। यही वजह है कि आज भी करेले का अचार भारतीय थाली की शान माना जाता है।
करेले के अचार को स्टोर करने के टिप्स
अचार हमेशा साफ और सूखे बर्तन में ही रखें। नमी और पानी से अचार जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए ध्यान रखें कि चम्मच सूखा हो। धूप में 2–3 दिन रखने से अचार का स्वाद और टिकाऊपन दोनों बढ़ जाते हैं।
करेला भले ही अपनी कड़वाहट के लिए जाना जाता है, लेकिन जब बात अचार की आती है तो यही करेला स्वाद और सेहत का अद्भुत संगम बन जाता है। दादी-नानी की यह पुरानी रेसिपी आज भी उतनी ही लोकप्रिय है और हर भोजन को खास बना देती है। तो अगली बार जब थाली में कुछ कमी लगे, तो करेले का अचार जरूर परोसें और देखिए कैसे यह सबका मन मोह लेता है।