ईद मुसलमानों का सबसे खास और बड़ा त्योहार माना जाता है, रमजान के लंबे इंतजार के बाद ईद का त्योहार आता है..रमजान का पाक महीना हमें सब्र करने के साथ ही खुद पर नियंत्रण रखना सिखाता है। रमजान के माह से ही ईद की तैय्यारियां शुरु होने लगती हैं।
ईद पर कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं और साफ-सुथरे कपड़े पहने जाते हैं। मगर ईद इन सब तैय्यारियों के अलावा भी एक पैगाम लेकर आता है। क्या आप जानते हैं कि इस्लाम में कई ऐसे काम हैं जिन्हें सुन्नत कहा गया है औऱ ईद के समय इसे करने से उप्पर वाले की रहमत होती है… तो चलिए जानते हैं हमें ईद पर किन कामों को जरूर करना चाहिए।
शरीर को करें साफ
ईद पर शरीर का साफ होना बहुत जरूरी है क्योकि शरीर अगर नापाक होता है तो ईद की नमाज अधूरी मानी जाती है इसलिए हमें सुबह उठकर अच्छे से स्नान करना चाहिए और फिर साफ सुथरे कपड़े पहनने चाहिए।

खजूर खाएं
ईद पर कहीं बाहर जाने से पहले खजूर खाना सुन्नत का काम माना गया है। इस्लामिक ग्रंथ के मुताबिक घर से बाहर निकलने से पहले कुछ मीठा खाना अच्छा माना गया है। आप चाहें तो खीर का सकते हैं, लेकिन इस सुन्नत को हमें ईद की नमाज से पहले अदा करना होगा।

ईद की नमाज करें अदा
ईद के दिन नमाज अदा करना बेहद जरूरी है। आप चाहें तो ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद चले जाएं। वहीं, महिलाएं घर पर ही नमाज अदा करें।

फितरा देना भी है नेक काम
फितरा हर मुसलमान को ईद की नमाज से पहले देना जरूरी माना गया है, जिसे रमज़ान के माह या फिर ईद की नमाज से पहले दिया जाता है। फितरा हर उस इंसान को देना चाहिए जो आर्थिक रूप से मजबूत है यानि खाते-पीते घर से है।

आइए जानते हैं कि ईद क्यों मनाई जाती है
मक्का से मोहम्मद पैगंबर के प्रवास के बाद पवित्र शहर मदीना में ईद-उल-फितर का त्योहार आरंभ हुआ। मान्यता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में फतह हासिल की थी। इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करया गया था जिसकी वजह से इस दिन को मीठी ईद के नाम से और ईद-उल-फितर के नाम से भी जाना जाता है।