अगर आप किसी चीज को सच्चे मन से चाह रहे है तो उसे पाना नाममुकिन नही है। ऐसे ही एक कहानी है आकांक्षा आनंद की जो पहले एक पशु चिकित्सक (वेटेरिनरी डॉक्टर) थीं, और फिर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा को क्रैक किया और एक सफल आईएएस अफसर (IAS OFFICER) बनीं। उनकी यात्रा एक प्रेरणा है, क्योंकि उन्होंने अपनी पसंदीदा फील्ड से बाहर जाकर प्रशासनिक सेवाओं में कदम रखा और अपने सपने को साकार किया।
आकांक्षा आनंद का प्रारंभिक जीवन
आकांक्षा आनंद का जन्म और पालन-पोषण बिहार के एक छोटे से शहर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें जानवरों से बहुत प्यार था, और यही कारण था कि उन्होंने पशु चिकित्सा (वेटेरिनरी मेडिसिन) को अपनी शिक्षा और करियर के रूप में चुना। उन्होंने पशु चिकित्सा में अपनी डिग्री हासिल की और इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन उनके मन में प्रशासनिक सेवाओं में जाने का ख्वाब था।
UPSC में सफलता की ओर पहला कदम
आकांक्षा का मानना था कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए एक सक्षम प्रशासनिक अधिकारी बनना जरूरी है। इस सोच ने उन्हें UPSC परीक्षा की ओर प्रेरित किया। हालांकि, उनका वेटेरिनरी क्षेत्र में करियर स्थापित था, लेकिन उन्होंने अपने सपने को छोड़ने की बजाय उसे पूरा करने का संकल्प लिया। आकांक्षा ने अपनी तैयारी शुरू की और इस रास्ते पर पूरी लगन के साथ आगे बढ़ीं।
UPSC की तैयारी और संघर्ष
आकांक्षा ने UPSC की तैयारी के लिए पूरी तरह से समर्पण का रास्ता अपनाया। उन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए विशेष रूप से अच्छे संसाधनों और अध्ययन सामग्री का चुनाव किया। साथ ही, उन्होंने अपनी दिनचर्या को इस प्रकार से व्यवस्थित किया कि हर दिन UPSC की पढ़ाई के लिए समय मिल सके।
आकांक्षा ने शुरुआत में यह महसूस किया कि उनका वेटेरिनरी बैकग्राउंड उन्हें कुछ हद तक पीछे कर सकता है, क्योंकि UPSC में सामान्य अध्ययन के विषयों का दायरा बहुत बड़ा है। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपनी कठिन मेहनत से इन सभी चुनौतियों को पार किया।
UPSC परिणाम और IAS अफसर बनने की यात्रा आकांक्षा ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से UPSC 2018 में सफलता प्राप्त की और 4th रैंक हासिल की। इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उनकी यह यात्रा उन सभी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को पूरा करने की उम्मीद रखते हैं।
IAS अफसर के रूप में आकांक्षा आनंद का योगदान
IAS बनने के बाद, आकांक्षा ने प्रशासनिक क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ी। वे समाज की भलाई के लिए काम करने के लिए प्रेरित थीं। उनका मानना है कि एक IAS अफसर को हमेशा जनता के कल्याण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं में भाग लिया और लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रयास किए।