
शायद लोगों को यह नहीं पता कि गलतफहमी किसी के द्वारा की गई गलती से भी ज्यादा खतरनाक और नुकसानदेय होती है।
गलतफहमी रखना और गलती करना.. दो अलग बातें हैं और दोनों एक-दूसरे से एकदम ही अलग हैं।
गलती इंसान अनजाने में करता है और समझ आने पर उसे सुधार भी लेता है, पर गलतफहमी व्यक्ति के शक्की स्वभाव के कारण होती है।

इसमें व्यक्ति सही-गलत समझने की शक्ति खो देता है और अपनी समझ को हमेशा सही समझता है।
रिश्तों में मनमुटाव एक नार्मल बात है, लेकिन अगर आपके बीच शक पैदा होने लगे या गलतफहमियां पैदा होने लगे तो ये आपके रिश्ते के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार तो हम लोगों की बातों में आ जाते हैं और ओवर थिंकिंग करने लगते हैं जिससे यह समस्या बढ़ जाती है और रिश्ते में खटास आने लगती है। अगर आप आपसी रिश्ते में गलतफहमियों को दूर रखना चाहते हैं तो इन बातों को जरूर याद रखें।
‘Misunderstanding’ दूर करने के उपाय
आपस में बातचीत के दौरान ज्यादा से ज्यादा सिंपल लैंग्वेज का यूज़ करें और जो बात हो रही हो उस पर अपना पूरा फोकस करें।
कुछ भी बोलने से पहले आप पहले अपनी भावनाओं को समझें। क्योंकि भावनाएं कई बार हमारी बातों को प्रभावित करती हैं और हम वो चीजें बोल जाते हैं जो दरअसल हम नहीं बोलना चाहते।

जब भी किसी से बात करें तो इस बात का ध्यान रखें कि आप किस टोन या लहजे में बात कर रहे हैं। यहीं नहीं, आप यह भी देखें कि आपका बॉडी लैंग्वेज कहीं आपकी बातों को गलत तो नहीं साबित कर रहा।
अगर आप इन बातों को अपनी आदतों में शामिल कर लें तो आपको कभी भी ‘Misunderstanding’ नहीं होगी !!