दरअसल, हम कई बार अनजाने में ही सही ऐसी गलतियां करते है, जो हमारे रिश्ते को धीरे- धीरे नुकसान पहुंचते है कई बार हम सुनने के बजाय बोलने में ज्यादा व्यस्त होते हैं और कई बार गुस्से में कुछ ऐसा बोल जाते हैं, जिसकी वजह से बाद में हमें खुद पछतावा होता है। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पार्टनर के साथ हुई छोटी-सी नोकझोंक इतनी लंबी क्यों चलती है? रिश्ते में तनाव क्यों बना रहता है? दरअसल, इसके पीछे हमसे अनजाने में हुई गलतियां ही जिम्मेदार हैं।
दरअसल, हम कई बार अनजाने में ही सही ऐसी गलतियां करते है, जो हमारे रिश्ते को धीरे- धीरे नुकसान पहुंचते है कई बार हम सुनने के बजाय बोलने में ज्यादा व्यस्त होते हैं और कई बार गुस्से में कुछ ऐसा बोल जाते हैं, जिसकी वजह से बाद में हमें खुद पछतावा होता है। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पार्टनर के साथ हुई छोटी-सी नोकझोंक इतनी लंबी क्यों चलती है? रिश्ते में तनाव क्यों बना रहता है? दरअसल, इसके पीछे हमसे अनजाने में हुई गलतियां ही जिम्मेदार हैं।
खुद सवाल पूछना और खुद ही जबाब देना :
कभी भी खुद को जवाब देने के लिए किसी से सवाल न पूंछे। यह दिखाता है कि आप सामने वाले की बात को गंभीरता से नहीं ले रहे और सिर्फ अपनी बात कहना चाहते हैं। लोग इसे चालाकी समझते हैं और उन्हें लगता है कि आप सिर्फ अपनी राय रखने के लिए उन्हें बोलने का मौका दे रहे हैं। इस आदत से बचें।
किसी की बात को बीच में काटना:
आमतौर पर, किसी के बात खत्म करने से पहले बोलना अनादर कहलाता है। ऐसा करने से सामने वालों को लगता है कि आप उसकी बात को जरूरी नहीं समझते हैं या उसका अपमान कर रहे हैं।
हमेशा अपने बारे में बात करना:
हम सब अपने आसपास जरूर देखा हैं कि कुछ लोग हमेशा अपने बारे में ही कहानियां बताते रहते हैं। जबकि कोई भी उनकी कहानियों को सुनने में दिलचस्पी नहीं दिखता है। ऐसे लोगों को कोई भी इंसान पसंद नहीं करता है। साथ ही दूसरे इंसान को ऐसा फील होता है कि उसकी कोई वैल्यू नहीं है। अच्छी बातचीत का मतलब है कि दोनों लोग अपनी-अपनी बातें शेयर करें।
बिना मांगे सलाह देना:
जब कोई आपसे अपनी परेशानी शेयर करता है आप तो सलाह देने से बचें। परेशानियां साझा करने का हमेशा यह मतलब नहीं होता है कि वे हमसे सलाह चाहते हैं। बिना मांगे सलाह नहीं देना चाहिए, बिना मांगे सलाह देने से सामने वाले को लगता है कि उसे सुना नहीं गया। उसे लग सकता है कि आप उसे अपनी समस्या सुलझाने के काबिल नहीं समझते हैं।
हां या ना जवाब वाले सवाल :
बातचीत जारी रखने के लिए सवाल-जवाब पूछना भी जरूरी है। जब कि बहुत से लोग हां या ना वाले सवाल पूछते हैं। उदाहरण के तौर पर – ‘क्या आप खाना खाएंगे?’ इस सवाल का जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में होगा। वहीं, इस सवाल को दूसरे तरीके से पूछ सकते है – ‘आपको खाने में क्या पसंद है?’ यह सवाल बातचीत को जारी रखने में मददगार है।
फॉलो-अप सवाल न पूछना:
किसी के जवाब देने पर विषय से जुड़ी और बातें पूछना दिखाता है कि आप सामने वाले को ध्यान से सुन रहे हैं। तुरंत नया विषय छेड़ देने से लगता है कि आप सिर्फ समय बिता रहे हैं। उनके जवाब में दिलचस्पी दिखाएं और फिर सवाल पूछें।
बहुत ज्यादा पूछताछ करना:
बातचीत में दोनों लोगों की बराबर की भागीदारी होना जरूरी है। एक सवाल पूछने और उसका जवाब सुनने के बाद थोड़ा रुकिए और देखिए कि क्या वो भी कुछ पूछना चाहता है, न कि तुरंत दूसरा सवाल दाग दीजिए। लगातार सवाल करने से भी सामने वाले को बुरा लग सकता है
अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना:
अगर हम किसी से बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान सामने वाले को हमारी कोई बात बुरी लगती है। हम माफी मांगने या ‘सॉरी’ कहने के बजाय यदि ‘ठीक है’, ‘इतनी बड़ी बात भी नहीं है’, जैसे शब्द बोलते हैं तो इससे रिश्ते में दरार पड़ सकती है।
गलतियों से बचने के क्या तरीके हैं?
जब आप किसी से बात कर रहे हों, तो उनकी बात को थोड़ा सा दोहराएं इससे यह पता चलता है कि आपने उनकी बात ध्यान से सुनी और समझी है। अगर कहीं कोई गलती हुई होगी, तो वो तुरंत पता चल जाएगी और आगे गलतफहमी नहीं होगी। साथ ही बातचीत में हमेशा प्यार और इज्जत प्राथमिकता दें। झगड़ा करने की बजाय अच्छे से बात करें और यह जानने की इच्छा रखें कि दूसरा क्या सोच रहा है। आइए इन बातों को ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं।