उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक ऐसा शहर है जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, स्वादिष्ट भोजन और सुंदर ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। लखनऊ में ऐसे कई मंदिर हैं, जिनकी सुंदरता आपका दिल छू लेंगी। सावन का महीना, जो भगवान शिव को समर्पित है, इन मंदिरों में आशीर्वाद लेने के लिए हज़ारों भक्त आते हैं। आज हम आपको राजधानी लखनऊ के कुछ शिव मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं आपको सावन में अवश्य जाना चाहिए।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर
बुद्धेश्वर महादेव शिव मंदिर लखनऊ के मोहन रोड पर स्थित है। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां जो कुछ भी मांगा जाता है, उसकी प्राप्ति जरूर होती है। इस मंदिर में भगवान लक्ष्मण ने पूजा अर्चना की थी और बुधवार के दिन महादेव ने उन्हें दर्शन दिए थे, इसलिए इस मंदिर में बुधवार के दिन पूजा अर्चना करने का ज्यादा महत्व है। इस मंदिर की एक खास बात यह है कि यहां बाबा का हर रोज एक नए रूप में श्रृंगार किया जाता है। मंदिर के खुलने का समय सुबह 4 बजे से रात 12 बजे तक है।
मनकामेश्वर मंदिर
लखनऊ का मनकामेश्वर मंदिर गोमती नदी के तट पर स्थित है। यह लगभग 1000 वर्ष पुराना है, यह लखनऊ के प्रमुख मंदिरो में से एक है और पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां पर मनोकामना पूरी होने की मान्यता है, इसलिए इसका नाम मनकामेश्वर पड़ा है। मंदिर का समय सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से 10:30 बजे तक है। सोमवार को छोड़कर अन्य दिनों में यह मंदिर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बंद रहता है। यह मंदिर लखनऊ के डालीगंज में स्थित है।
नागेश्वर नाथ मंदिर
सावन माह के दिनों में आप भोलेनाथ के दर्शनों के लिए नागेश्वर नाथ मंदिर भी जा सकते हैं। यह मंदिर लखनऊ से 17 किलोमीटर दूर बख्शी के तालाब के पास स्थित कोटवा गांव में है। पौराणिक कहानियों के मुताबिक नागेश्वर शिव मंदिर काफी ज्यादा पुराना है। कहा जाता है कि यह त्रेतायुग यानी रामायण काल का मंदिर है। मंदिर की दीवारों पर भी रामायण काल की चौपाइयां हैं। मंदिर की शिवलिंग पर दो सांपों की आकृति बनी है, इसलिए इस मंदिर का नाम नागेश्वर नाथ मंदिर है।
सिद्धनाथ मंदिर
सिद्धनाथ मंदिर लखनऊ के प्रमुख शिव मंदिरों में एक है। यह मंदिर नादान महल रोड पर स्थित है। सिद्धनाथ मंदिर शिव भक्तों के लिए एक विशेष पूजा स्थल है। सावन के दिनों में यहां रोजाना हजारों भक्त अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए आते हैं। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति लगातार 40 दिन तक बाबा को जल चढ़ाता है, उसका कल्याण अवश्य होता है । सिद्धनाथ मंदिर सुबह 6 बजे से 12 बजे तक और शाम 4 से रात 10 बजे तक खुला रहता है।
कोनेश्वर महादेव मंदिर
लखनऊ शहर में स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर महादेव का एक ऐसा मंदिर है, जिसका इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है और बाबा शिवलिंग के रूप में मंदिर के कोने में विराजमान हैं। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर की स्थापना राजा हर्ष ने की थी। सावन के महीने में यह मंदिर एक प्रमुख तीर्थस्थल बन जाता है, जो अपनी दिव्य आभा और सुंदर सजावट के कारण भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
चंद्रिका देवी मंदिर
चंद्रिका देवी मंदिर को माही सागर तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। ये मंदिर गोमती नदी के तट पर स्थित है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि इसके बारे में स्कंद पुराण और कूर्म पुराण जैसी धार्मिक पुस्तकों में मिलता है। इस मंदिर में हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर की खूबसूरती भगवान शिव की मूर्ति की वजह से है। यह विशाल शिव मूर्ति पानी के बीच में स्थित है। आमतौर पर यहां बहुत भीड़ होती है और दर्शन के लिए 2-3 घंटे लगते हैं।