
हिंदू पंचांग के अनुसार, वट सावित्री पूर्णिमा व्रत की शुरुआत इस साल 21 जून, 2024 दिन शुक्रवार को सुबह 07 बजकर 31 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 22 जून, 2024 दिन शनिवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट पर होगा। इस दिन पति की लंबी उम्र और अपने रिश्ते के बीच स्नेह बरकरार रखने के लिए वट पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पत्नियां व्रत रखती हैं।

इस मौके पर हम अपने घर की सफाई भी करते हैं और रंगोली के तरह-तरह के डिजाइन घर की दहलीज से लेकर आंगन तक में बनाते हैं। रंगोली के डिजाइन के लिए आपको ऑनलाइन काफी डिजाइन देखने को मिल जाएंगे, लेकिन इस मौके पर आप सुहाग की निशानियों की मदद से भी रंगोली बना सकते हैं। इसके लिए आप इन आसान डिजाइंस पर एक नजर जरूर डालें।
चूड़ियों और बरगद के पेड़ वाली रंगोली

अगर आप बरगद के पेड़ वाली रंगोली के डिजाइन को बना रही हैं तो वट पूर्णिमा के मौके पर इसके साथ में आप चूड़ियों को शामिल कर सकती हैं। इसके अलावा भी आप सुहाग की निशानियां जैसे कुम-कुम, मंगलसूत्र का डिजाइन बना सकती हैं। बॉर्डर के लिए आप फूलों के डिजाइन से बाउंड्री को और आकर्षक बना सकती हैं।
बरगद के पेड़ वाली रंगोली

अगर आप सिंपल और आसान डिजाइन की रंगोली आंगन में बनाना का सोच रही हैं तो तीली और बोतल के ढक्कन की सहायता लेकर इसे पूरा किया जा सकता है। आप चाहे तो सुहाग की चूड़ियां भी डिजाइन में शामिल कर सकती हैं। इस तरह के डिजाइन की रंगोली के साथ आप बरगद की शाखाएं भी बना सकती हैं।
पूजा सामग्री से बनी रंगोली

वट पूर्णिमा के दिन पूजा की जाती है तो इसी चित्र को आप रंगोली के डिजाइन के जरिये घर के आंगन में सजा सकते हैं। इसके लिए आप पीले, हरे रंग का इस्तेमाल करें। वहीं फूलों की मदद से डिजाइन को पूरा करें। आप चाहे तो इसमें पूजा की थाली बनाकर इसमें असल की मिठाइयों के छोटे-छोटे टुकड़े भी रख सकती हैं।