महिलाएं आज हर क्षेत्र में तरक्की कर रही है। घर से लेकर बाहर तक हर काम में वो मर्दों से कंधा मिलाकर चल रही है। ऐसी है एक ओडिशा की प्रेरक महिला है जिन्होंने घर पर केसर की खेती करके उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं वह केसर से प्रति किलोग्राम ₹10 लाख की शानदार कमाई भी कर रही है। तो चलिए आपको बताते है कि उन्होंने कैसे इस रास्ते को चुना, किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कहां से आया आइडिया?
सुजाता ने होसशाइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्हें पहली बार इस व्यवसाय का विचार अपने फ़ोन पर स्क्रॉल करते समय आया और इस दौरान उन्हें हाइड्रोपोनिक खेती की अवधारणा के बारे में पता चला। एक इंटरव्यू में सुजाता ने बताया था कि, “मुझे यह देखकर वाकई आश्चर्य हुआ कि हम सिर्फ़ पानी में ही पौधे उगा सकते हैं, फिर मैंने इसके बारे में और खोजबीन शुरू की।”
“सामग्री खरीदना चुनौतीपूर्ण था, इसलिए मैंने कुछ जुगाड़ के तरीकों से शुरुआत की, जैसा कि हम भारतीय अक्सर करते हैं। जब मैं उन शुरुआती प्रयासों में सफल रही, तो मैंने 320-प्लांटर सेटअप में निवेश किया। मेरी पहली फसल लेट्यूस थी, लेकिन शुरुआती फसल बहुत अच्छी नहीं थी। सुजाता ने आगे बताया कि मेरे परिवार ने मुझे फिर से कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया और दूसरी बार, मेरी फसल बहुत अच्छी हुई। तीसरे प्रयास में, मुझे आश्चर्य हुआ कि उपज का क्या किया जाए, इसलिए मैंने इसे आस-पास के लोगों को बेचना शुरू कर दिया। धीरे धीरे ये बात फैल गई और जल्द ही, लोग और अधिक ताज़ी विदेशी सब्ज़ियों की डिमांड करने लगे। उन सब की प्रतिक्रिया ने मुझे काफी प्रेरित किया और मैंने आधिकारिक तौर पर 2022 में अपना व्यवसाय शुरू किया।
1 कमरे से की शुरुआत
सुजाता के लिए इन सभी चीजों को जुटाना आसान नही था। केसर की खेती के लिए सुजाता ने कश्मीर से 250 किलो केसर बल्ब खरीदे, जिसकी लागत ₹2.5 लाख रुपये थी। इसके बाद सुजाता ने अपने कमरे को खेती के लिए तैयार किया—जिसमें चिलर्स, रैक, लकड़ी की ट्रे और एयरोपोनिक्स तकनीक का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि एयरोपोनिक्स तकनीक में पौधों की जड़ों को हवा में लटकाया जाता है और उन्हें पोषक तत्वों से युक्त महीन धुंध के जरिये पोषण दिया जाता है। इस विधि से मिट्टी की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है।
1 किलो से कमाये 10 लाख
सुजाता की इस खेती से काफी लाभ हुआ। उसके लिए केसर की खेती खास इसलिए भी है क्योंकि पारंपरिक केसर की खेती में साल में सिर्फ एक बार ही फसल होती है, लेकिन वह साल में दो बार केसर की कटाई करने में सक्षम हैं और यही कारण है कि सुजाता के उगाए केसर की बाजार में कीमत ₹10 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई है।