आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में रोज़ का खाना बनाना कई लोगों के लिए चुनौती बन गया है। काम, परिवार और निजी ज़िम्मेदारियों के बीच हर दिन स्वादिष्ट और सेहतमंद भोजन तैयार करना आसान नहीं होता। लेकिन सही योजना, थोड़ी समझदारी और कुछ स्मार्ट आदतों को अपनाकर रोज़ की कुकिंग को काफी हद तक आसान बनाया जा सकता है।

स्मार्ट प्लानिंग से आधा काम आसान
रोज़ यह सोचना कि आज क्या बनाना है, सबसे ज़्यादा समय और ऊर्जा लेता है। अगर हफ्ते की शुरुआत में ही पूरे सप्ताह का मेनू तय कर लिया जाए और उसी के अनुसार सब्ज़ी व राशन की लिस्ट बना ली जाए, तो किचन में तनाव अपने आप कम हो जाता है। इससे न सिर्फ समय बचता है, बल्कि फालतू खर्च भी रुकता है।

वीकेंड पर थोड़ा सा समय निकालकर प्याज़, टमाटर, अदरक-लहसुन काटकर रखना या ग्रेवी बेस तैयार कर लेना पूरे हफ्ते की कुकिंग को आसान बना देता है। उबली दालें, छोले या राजमा फ्रिज में स्टोर करने से रोज़ के खाने की तैयारी तेज़ हो जाती है।
कुकिंग के दौरान एक ही समय में कई काम करना सीखें। जब दाल कुकर में हो, तब सब्ज़ी काट लें या चावल पकते समय सलाद तैयार कर लें। यह आदत धीरे-धीरे रोज़मर्रा की कुकिंग को तेज़ और व्यवस्थित बना देती है।
झटपट और वन-पॉट रेसिपी अपनाएँ

हर दिन भारी और जटिल रेसिपी बनाना ज़रूरी नहीं। खिचड़ी, पुलाव, दलिया, वेजिटेबल राइस जैसे वन-पॉट मील्स कम समय में तैयार होते हैं और सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। कम बर्तन और कम मेहनत—दोनों का फायदा मिलता है।
प्रेशर कुकर, चॉपर, नॉन-स्टिक पैन और इंडक्शन जैसे किचन टूल्स रोज़ की कुकिंग में बड़ा सहारा बनते हैं। सही उपकरण न सिर्फ समय बचाते हैं बल्कि काम को आसान और आरामदायक भी बनाते हैं।
ऑर्गनाइज़ किचन, स्ट्रेस-फ्री कुकिंग

जब किचन व्यवस्थित होता है तो खाना बनाना भी आसान हो जाता है। मसाले, दालें और रोज़ इस्तेमाल की चीज़ों को सही जगह पर रखें। एक साफ़ और ऑर्गनाइज़ किचन मन को भी सुकून देता है।
हर दिन परफेक्ट खाना बनाना ज़रूरी नहीं। कभी-कभी सादा और आसान भोजन भी पूरी तरह ठीक होता है। याद रखें, सुकून और खुशी के साथ बनाया गया साधारण खाना ही सबसे स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है।
