माँ बनना जीवन का एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक अनुभव होता है, लेकिन इसके साथ कई महिलाओं के मन में यह सवाल भी उठता है कि क्या अब उनका करियर पीछे छूट जाएगा। समाज में आज भी यह सोच मौजूद है कि मातृत्व और करियर एक-दूसरे के खिलाफ हैं, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों एक-दूसरे को मज़बूत भी कर सकते हैं।

माँ बनने के बाद करियर में आगे बढ़ने की सबसे पहली शर्त है खुद पर भरोसा। यह समझना ज़रूरी है कि ब्रेक लेने या प्राथमिकताएँ बदलने का मतलब यह नहीं कि आपकी क्षमता कम हो गई है। माँ बनने के बाद महिलाएँ समय प्रबंधन, धैर्य और मल्टीटास्किंग जैसी स्किल्स में और भी मज़बूत हो जाती हैं, जो किसी भी प्रोफेशन में बहुत काम आती हैं।
आज के दौर में करियर के रास्ते पहले से कहीं ज़्यादा लचीले हो गए हैं। वर्क फ्रॉम होम, हाइब्रिड जॉब, पार्ट-टाइम या फ्रीलांस जैसे विकल्प मातृत्व के साथ करियर को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। ज़रूरत है अपनी स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनने और खुले मन से नए तरीकों को अपनाने की।
स्किल अपग्रेड करना भी बेहद ज़रूरी है। करियर ब्रेक के दौरान या बच्चे के छोटे होने पर ऑनलाइन कोर्स, वेबिनार या शॉर्ट ट्रेनिंग के ज़रिए खुद को अपडेट रखा जा सकता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और दोबारा काम पर लौटना आसान होता है।

एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम करियर और मातृत्व के संतुलन की रीढ़ होता है। पार्टनर, परिवार या भरोसेमंद केयर सपोर्ट की मदद लेने में अपराधबोध महसूस नहीं करना चाहिए। जब ज़िम्मेदारियाँ साझा होती हैं, तो माँ खुद को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा पाती है।
सबसे ज़रूरी बात है खुद की सेहत—शारीरिक और मानसिक। लगातार थकान, अपराधबोध और खुद को पीछे रखना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है। अपने लिए समय निकालना, आराम करना और खुद को समझना उतना ही ज़रूरी है जितना परिवार का ख्याल रखना।
अंत में यह समझना ज़रूरी है कि हर माँ का सफ़र अलग होता है। किसी के लिए जल्दी वापसी सही होती है, तो किसी के लिए थोड़ा समय लेना। तुलना करने के बजाय अपनी गति और परिस्थितियों को स्वीकार करना ही सही रास्ता है।

माँ बनने के बाद भी करियर में आगे बढ़ना पूरी तरह संभव है—बस ज़रूरत है धैर्य, आत्मविश्वास और यह विश्वास रखने की कि आपके सपने भी उतने ही मायने रखते हैं जितना आपका मातृत्व।
