हर साल फरवरी के पहले सप्ताह के बुधवार को नेशनल गर्ल्स एंड वीमेन इन स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है | यह दिन लड़कियों और महिलाओं की खेलों में भागीदारी, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए समर्पित है | इस दिवस की शरुआत संयुक्त राज्य अमेरिका में हुईं थी, लेकिन आज इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखने को मिलता है | यह दिन महिलाओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने और उन्हें समान अवसर दिलाने का संदेश देता है |

खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
आज महिलाएं हर खेल में अपनी अलग पहचान बना रही हैं | खेलों ने महिलाओं को केवल पदक ही नहीं दिए, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता भी प्रदान की है। समाज की पारंपरिक सोच को तोड़ते हुए महिला खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर रहीं हैं।
महिला खिलाड़ी जिन्होंने रचा इतिहास
पी.वी सिंधु ( बैडमिंटन )
पी.वी सिंधु भारत की सबसे सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं। ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर उन्होंने भारतीय महिला खेलों को नई पहचान दी। उनका सफर मेहनत और अनुशासन की मिसाल है।

मैरी कॉम ( बॉक्सिंग )
मैरी कॉम को “मेग्निफिसेंट मैरी” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कई विश्व खिताब जीतकर यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़े सपने पूरे किये जा सकते हैं।

मितली राज ( क्रिकेट )
भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल मिताली राज ने वर्षों तक टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने महिला क्रिकेट को भारत में ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

साइना नेहवाल ( बैडमिंटन )
साइना नेहवाल भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लाखों लड़कियों को खेलों की ओर प्रेरित किया।

हिमा दास ( एथलेटिक्स )
“धिंग एक्सप्रेस” के नाम से मशहूर हिमा दास ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में भारत को पहचान दिलाई। उनका सफर छोटे गाँव से विश्व मंच तक की प्रेरक कहानी है।

क्या है इस दिवस का उद्देश्य
- लड़कियों और महिलाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना।
- खेलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना।
- महिला खिलाड़ियों को पहचान और सम्मान देना।
- आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत तैयार करना।
4 फरवरी को मनाया जाने वाला नेशनल गर्ल्स एंड वीमेन इन स्पोर्ट्स डे केवल एक दिवस नहीं, बल्कि एक विचार है। ऐसा विचार जो महिलाओं को खेलों के जरिए सशक्त बनाता है। महिलाओं को जब अवसर मिलता है तो वे सिर्फ खेल में ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में इतिहास रचती हैं।
