लखनऊ। समाज में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार और नौकरी तक ही सीमित नहीं है। वे सामाजिक बदलाव और नई सोच की वाहक भी हैं। जब कोई महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो वह अपने साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती है। इसी विचार को साकार करने और समाज की सक्रिय महिलाओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से अदीरा वेलफेयर क्लब ने रविवार को लखनऊ स्थित होटल कसाया इन में एक विशेष सामाजिक किटी कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था—महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा और महिलाओं की सामूहिक भागीदारी से समाज को नई दिशा देना।
दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि रिकी ग्रांड मास्टर व वास्तु एक्सपर्ट सुहानी पाण्डेय मौजूद रहीं। वहीं अदीरा वेलफेयर क्लब की संस्थापिका और सीईओ रितिका चौधरी ने क्लब की सोच और मिशन पर प्रकाश डाला।

रितिका चौधरी ने कहा – “अदीरा का अर्थ ही है शक्तिशाली और महान। जिन महिलाओं ने कठिनाइयों के बावजूद अपने उद्देश्य की राह नहीं छोड़ी, वे निसंदेह समाज की असली शक्ति हैं।”
नौ दुर्गा के रूप में मातृशक्ति
अदीरा वेलफेयर क्लब ने इस आयोजन में एक अनोखी पहल की। उन्होंने सामाजिक कार्यों को नौ अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित कर ‘नौ दुर्गा’ के रूप में नौ टीमें बनाने का निर्णय लिया।
ये नौ क्षेत्र हैं –
- बाल शिक्षा (Child Education)
- पशु कल्याण (Animal Welfare)
- महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment)
- वृद्धाश्रम सहयोग (Old Age Home Support)
- स्वच्छता और सैनिटेशन (Sanitation)
- संस्कृति और परंपरा संरक्षण (Culture)
- पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection)
- मानव तस्करी रोकथाम (Human Trafficking Prevention)
- महिला स्वास्थ्य (Women’s Health)
इन सभी वर्टिकल्स पर अलग-अलग महिला टीमें कार्य करेंगी और समाज में बदलाव लाने की कोशिश करेंगी।
अध्यात्म और संयम का महत्व
मुख्य अतिथि सुहानी पाण्डेय ने अपने वक्तव्य में कहा – “अध्यात्म हमें संयम और शांति से जीना सिखाता है। जीवन में ऐसी कई परिस्थितियां आती हैं, जो हमारे भीतर की शांति को भंग कर देती हैं। लेकिन अगर हम संयम रखें, तो वही ऊर्जा हमें दूसरों की जिंदगी में रोशनी फैलाने लायक बनाती है।
” उन्होंने आगे कहा कि अध्यात्म मानव जीवन के अर्थ और उद्देश्य की खोज है। यह न केवल हमें खुद को समझने में मदद करता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है।
समाज की नींव हैं महिलाएं
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि महिलाएं समाज की नींव होती हैं। वे परिवार से लेकर कार्यस्थल और समाज के हर स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। यदि उन्हें सही अवसर और मंच मिले, तो वे समाज में बड़े बदलाव ला सकती हैं।

अदीरा की सोच और भविष्य की योजना
रितिका चौधरी ने स्पष्ट किया कि अदीरा वेलफेयर क्लब महिलाओं को केवल प्रेरणा देने का मंच ही नहीं, बल्कि उनके प्रयासों को दिशा देने का भी काम करेगा। नौ दुर्गा के रूप में गठित ये टीमें आने वाले समय में जमीनी स्तर पर काम करेंगी और समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा – “हमारा उद्देश्य है कि हर महिला खुद को मजबूत महसूस करे और दूसरों को भी सशक्त बनाए। अदीरा महिलाओं की उस शक्ति का प्रतीक है, जो किसी भी चुनौती के सामने हार नहीं मानती।”
कार्यक्रम में उपस्थित हस्तियां
इस अवसर पर अपराजिता नेशनल वेलफेयर ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. सीमा सरकार, चैतन्य वेलफेयर की अध्यक्ष ओम सिंह, आशा वेलफेयर फाउंडेशन की सोनी वर्मा एवं प्रभात वेलफेयर फांउडेशन की अध्यक्ष मंजुलिका सिहं सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन समाजसेविका प्रतिभा बालियान ने किया।
अदीरा वेलफेयर क्लब का यह आयोजन सिर्फ एक सामाजिक किटी नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई दिशा है। नौ दुर्गा के रूप में मातृशक्तियों की नौ समूहों का गठन महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करेगा। आने वाले समय में यह पहल न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनेगी।