आजकल स्किन केयर हर किसी की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है। हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा दमकती हुई और हेल्दी दिखे। इसके लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स, क्लिनिक ट्रीटमेंट्स और इंस्टेंट ग्लो के वादों पर भरोसा कर लेते हैं। लेकिन, ज़रूरी नहीं कि हर चमकदार पैकेजिंग या ट्रीटमेंट आपकी स्किन के लिए सही हो।
दरअसल, कई बार जल्द निखार और ग्लो के चक्कर में किए गए ट्रीटमेंट्स आपकी स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। न सिर्फ साइड इफेक्ट्स, बल्कि स्किन की प्राकृतिक बनावट में बदलाव और कभी-कभी स्थायी नुकसान भी हो सकता है। इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कौन-से ट्रीटमेंट्स से दूरी बनाना ही बेहतर है।
खतरनाक स्किन केयर ट्रीटमेंट्स जिनसे करें परहेज
फेयरनेस ट्रीटमेंट्स – झूठा सपना
फेयरनेस ट्रीटमेंट का दावा करने वाले क्लीनिक और पार्लर ग्राहकों को यह भरोसा दिलाते हैं कि उनकी स्किन का रंग गोरा हो जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी ट्रीटमेंट आपके नेचुरल स्किन टोन को स्थायी रूप से नहीं बदल सकता।
अक्सर इन ट्रीटमेंट्स में हेवी केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो स्किन की नमी और नेचुरल बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। लंबे समय तक ऐसे ट्रीटमेंट करवाने से त्वचा की चमक तो दूर, रूखापन और पिग्मेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है।
बार-बार ब्लीच करवाना – एजिंग को तेज करता है
चेहरे की टैनिंग हटाने के लिए ब्लीच का सहारा लेना आम है, लेकिन इसे बार-बार करवाना खतरनाक हो सकता है।
ब्लीच स्किन की ऊपरी लेयर को नुकसान पहुंचाकर उसे कमजोर बना देता है। इससे समय से पहले एजिंग (झुर्रियां और फाइन लाइन्स) आने लगती हैं। कई बार लगातार ब्लीच करने से स्किन की लेयर पतली हो जाती है, जिससे इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है।
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन – आंतरिक अंगों तक खतरा
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन को स्किन टोन बदलने और एजिंग के लक्षणों को कम करने का दावा किया जाता है। लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स गंभीर हो सकते हैं। ये इंजेक्शन किडनी और लिवर पर बुरा असर डाल सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। डॉक्टर भी इस तरह के इंजेक्शन से बचने की सलाह देते हैं।
अनप्रोफेशनल जगह से लेजर ट्रीटमेंट – जलन और दाग-धब्बों का खतरा
लेजर ट्रीटमेंट आजकल अनचाहे बाल हटाने या स्किन की कई समस्याओं के लिए किया जाता है। लेकिन यदि इसे किसी अनप्रोफेशनल क्लिनिक में करवाया जाए, तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।
गलत तरीके से किया गया लेजर ट्रीटमेंट त्वचा को जला सकता है और स्थायी दाग-धब्बे छोड़ सकता है। इसलिए अगर आप लेजर ट्रीटमेंट करवाने का सोच रही हैं, तो हमेशा किसी प्रमाणित और अनुभवी डॉक्टर से ही करवाएं।
सुरक्षित और नेचुरल विकल्प
- नींबू और शहद से बना फेसपैक टैनिंग हटाने में मदद करता है।
- एलोवेरा जेल स्किन को कूलिंग और नेचुरल ग्लो देता है।
- हल्दी और दही का पैक एजिंग को रोकने और स्किन को मुलायम बनाने में फायदेमंद है।
- पानी ज्यादा पीना और हेल्दी डाइट स्किन को अंदर से खूबसूरत बनाते हैं।
विशेषज्ञों की राय
त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी ट्रीटमेंट को चुनने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई बड़ा कदम न उठाएं। स्किन का नेचुरल ग्लो और हेल्दी टेक्सचर बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है — प्राकृतिक उपाय और संतुलित जीवनशैली।