हमारा शरीर अक्सर हमें छोटे-छोटे संकेत देकर बड़ी बीमारियों के बारे में आगाह करता है। त्वचा (Skin) भी ऐसी ही एक खिड़की है, जिसके जरिए हमारी आंतरिक सेहत झलकती है। सामान्यत: नीले या बैंगनी रंग के निशान (Bruises) किसी चोट लगने पर बनते हैं, लेकिन अगर बिना किसी वजह बार-बार ये निशान दिखने लगें तो इसे हल्के में लेना आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
नीले निशान क्या होते हैं?
नीले या बैंगनी निशान को मेडिकल भाषा में कॉन्ट्यूजन (Contusion) कहा जाता है। यह तब बनते हैं जब त्वचा के नीचे खून की नसें (Capillaries) टूट जाती हैं और खून जमा हो जाता है। आमतौर पर ऐसा चोट, धक्का या दबाव के कारण होता है, लेकिन कई बार बिना किसी चोट के भी ये निशान बन जाते हैं।
बिना चोट के निशान बनने की वजहें
- विटामिन C और K की कमी
शरीर में विटामिन C की कमी से खून की नसें कमजोर हो जाती हैं। विटामिन K खून को जमने (Blood Clotting) में मदद करता है। इसकी कमी से मामूली चोट पर भी खून बाहर निकलने लगता है और निशान बन जाते हैं। - आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी
एनीमिया या आयरन डिफिशिएंसी से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई कमजोर हो जाती है। इससे स्किन पर अचानक नीले निशान बनने लगते हैं। - खून पतला करने वाली दवाएं
कुछ लोग ब्लड थिनर मेडिसिन्स (जैसे Aspirin, Warfarin) लेते हैं। ये खून के जमने की क्षमता को कम कर देती हैं और मामूली टच से भी निशान आ सकते हैं। - लीवर की बीमारी
लीवर शरीर में प्रोटीन और क्लॉटिंग फैक्टर्स बनाता है। लीवर की खराबी से ये प्रक्रिया रुक जाती है और शरीर पर Bruises दिखने लगते हैं। - हार्मोनल असंतुलन
महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल घटने-बढ़ने से भी स्किन पर नीले निशान बन सकते हैं। यह अक्सर मेनोपॉज़ या गर्भावस्था के समय देखा जाता है। - रक्त विकार (Blood Disorders)
हीमोफीलिया, ल्यूकेमिया जैसी बीमारियों में खून जमना मुश्किल हो जाता है। इनके शुरुआती लक्षणों में से एक है अचानक बने नीले निशान।
कब लें डॉक्टर से सलाह?
अगर आपकी स्किन पर बार-बार बिना चोट के Bruises दिखाई दें और:
- बार-बार थकान, कमजोरी महसूस हो
- मसूड़ों या नाक से खून आए
- पेट या जोड़ों में दर्द हो
- निशान जल्दी-जल्दी बढ़ते हों
- तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
घरेलू उपाय और सावधानियां
- डाइट पर ध्यान दें
- नींबू, आंवला, संतरा जैसे विटामिन C युक्त फल खाएं।
- पालक, ब्रोकोली और हरी सब्जियां विटामिन K का अच्छा स्रोत हैं।
- आयरन युक्त आहार
- अनार, चुकंदर, पालक और गुड़ का सेवन करें।
- गर्म और ठंडी सिंकाई
- हल्के निशानों पर आइस पैक या गुनगुना पानी लगाने से सूजन और दर्द कम होता है।
- दवाओं की समीक्षा करें
- अगर आप ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं तो डॉक्टर से उनकी खुराक के बारे में सलाह लें।
विशेषज्ञों की राय
दिल्ली के एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमित कुमार बताते हैं – “बिना वजह स्किन पर Bruises आना हमेशा Nutritional Deficiency नहीं होता। यह Blood Disorders का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में लोगों को Self-Medication से बचना चाहिए और सही टेस्ट कराना जरूरी है।”
त्वचा पर नीले निशान को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये न सिर्फ Nutrient Deficiency बल्कि गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकते हैं। समय रहते सही जांच और इलाज करवाने से बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।