खुद की कला को निखारने के लिए उम्र की नहीं बस मेहनत और जज्बे की जरुरत होती है। और यही जज्बा दिखाया है 82 साल की दादी ने जिनका नाम है शीला बजाज। सोशल मीडिया की दुनिया में इन दादी के हुनर और काबिलियत के काफी चर्चे है।
लॉकडाउन में दादी को मिली पहचान
शीला दादी, को क्रोशिया से बुनाई करना काफी पसंद था। वो लंबे समय से बुनाई और क्रोशिया का काम करती हैं। वह अपनी फैमिली के बच्चों के लिए अक्सर कपड़े और स्वेटर बनाया करती थीं। लेकिन एक हादसे ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। दरअसल शीला दादी ने अपने पति और बेटे को अचानक खो दिया। इस हादसे से उन्हें अंदर से तोड़ दिया था। वो एकदम शांत रहने लगी थी। फिर समय आया लॉकडाउन का जहां हर कोई घर में बंद हो चुका था। इस दौरान उनकी पोती युक्ति ने देखा कि दादी घर में अकेले बैठकर क्रोशिया से बुनाई करती है। कई बार तो वो पुरानी चीजों को उधेड़ कर नई चीजें बनाती है और यहीं से युक्ति को आईडिया आया कि क्यों न दादी के आर्ट को दुनिया में फैलाया जाए।
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2020 में बनाया चैनल
युक्ति ने लॉकडाउन के दौरान नवंबर 2020 में CAUGHTCRAFTHAND नाम से एक पेज बनाया जिसमें दादी के हाथों से बने क्राफ्ट को उन्होंने सोशल मीडिया पर डालना शुरु कर दिया। देखते ही देखते लोगों को दादी की डिजाइन काफी पसंद आने लगी और जल्द ही उन्हें ऑर्डर मिलने लगे। उन्हें सबसे पहला ऑर्डर कस्टमाइजड ईयररिंग का मिला था। धीरे धीरे दादी बुकमार्क , स्वेटर, मग कवर, हेयरबैंड जैसे कई प्रोडक्टस बनाने लगी। और ये तेजी से बिकने लगे।
