अकसर आपने कुछ लोगों को कुल्हड़, मुल्तानी मिट्टी , चॉल्क खाते हुए देखा होगा। और कई बार आपने हो सकता है कि उनसे पूछा भी हो कि आखिर वो ये क्यों खाते है जिसपर ज्यादातर लोग यही जवाब देते है कि बस अच्छा लगता है। लेकिन ये अच्छा लगना कोई आम बात नही है बल्कि शरीर में कुछ चीजों की कमी है। आज इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से इस बारे में बतायेंगे। कुछ लोग मिट्टी खाते हैं, इसे “जियोफैगी” (Geophagy) कहते हैं, और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
लोग मिट्टी क्यों खाते हैं?
पोषण की कमी: कुछ लोगों में आयरन, जिंक या कैल्शियम जैसे खनिजों की कमी होने पर शरीर स्वाभाविक रूप से मिट्टी की ओर आकर्षित हो सकता है, क्योंकि मिट्टी में ये तत्व मौजूद हो सकते हैं।
सांस्कृतिक परंपरा: कई देशों में, खासकर अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भारत के कुछ हिस्सों में, मिट्टी खाना एक प्राचीन प्रथा है। गर्भवती महिलाएं इसे अक्सर खाती हैं, यह मानते हुए कि यह उनके और बच्चे के लिए फायदेमंद है।
स्वाद या आदत: कुछ लोगों को मिट्टी का स्वाद या बनावट पसंद आती है, और यह एक आदत बन जाती है।
भूख मिटाने के लिए: गरीबी या भोजन की कमी के कारण लोग मिट्टी खाकर पेट भरने की कोशिश करते हैं।
मानसिक स्थिति: “पिका” (Pica) नामक एक मनोवैज्ञानिक स्थिति में लोग गैर-खाद्य पदार्थ (जैसे मिट्टी, चॉक, या कागज) खाने की इच्छा रखते हैं।
फायदे
खनिजों की पूर्ति: मिट्टी में आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व हो सकते हैं, जो शरीर की कमी को पूरा कर सकते हैं।
पाचन सहायता: कुछ प्रकार की मिट्टी (जैसे कैओलिन) पेट की समस्याओं जैसे दस्त या एसिडिटी को कम करने में मदद कर सकती है, क्योंकि यह विषाक्त पदार्थों को सोख लेती है।
परंपरागत औषधि: कुछ समुदायों में इसे औषधीय गुणों वाला माना जाता है, जैसे कि डिटॉक्सिफिकेशन के लिए।
नुकसान
संक्रमण का खतरा: मिट्टी में बैक्टीरिया, परजीवी (जैसे कृमि), या हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जो बीमारियां जैसे पेट में इन्फेक्शन या हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं।
पोषक तत्वों का अवशोषण कम होना: मिट्टी खाने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों का अवशोषण रुक सकता है, जिससे कुपोषण हो सकता है।
पाचन तंत्र में रुकावट: ज्यादा मिट्टी खाने से आंतों में रुकावट या कब्ज की समस्या हो सकती है।
दांतों को नुकसान: मिट्टी में मौजूद कण दांतों के इनेमल को खराब कर सकते हैं।
विषाक्तता: अगर मिट्टी प्रदूषित जगह से ली गई हो, तो इसमें सीसा (लेड) या अन्य जहरीले पदार्थ हो सकते हैं, जो शरीर के लिए खतरनाक हैं।
मिट्टी खाना कभी-कभी प्राकृतिक जरूरत या परंपरा से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसके नुकसान फायदों से ज्यादा हो सकते हैं, खासकर अगर यह अनियंत्रित या असुरक्षित तरीके से किया जाए। अगर कोई इसे नियमित रूप से खा रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि पोषण की कमी या स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाया जा सके। क्या आपके पास इसके बारे में कोई और सवाल है?