कैंसर से बचाव के लिए अब लड़कियों को एक खास टीका लगाया जाएगा। यह टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करेगा, जो महिलाओं में होने वाले सबसे खतरनाक कैंसर में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह टीका एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) के संक्रमण से बचाने में मदद करेगा, जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है।
क्या है सर्वाइकल कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण के कारण विकसित होता है। यह बीमारी महिलाओं की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि एचपीवी वैक्सीन लगवाकर इससे बचा जा सकता है।
लड़कियों के लिए क्यों जरूरी है यह टीका?
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम: एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को 90% तक कम कर सकती है।
सुरक्षित और प्रभावी: यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और कई देशों में लड़कियों के लिए अनिवार्य किया गया है।
कम उम्र में लगवाना ज्यादा फायदेमंद: 9 से 14 साल की उम्र में यह टीका सबसे प्रभावी होता है, इसलिए किशोरियों को इसे प्राथमिकता से लगवाना चाहिए।
कैसे और कब लगवाएं यह टीका?
• उम्र सीमा: 9 से 26 साल की लड़कियों और युवतियों को यह टीका लगाया जा सकता है।
• डोज: यह वैक्सीन दो या तीन डोज में दी जाती है, जो डॉक्टर की सलाह के अनुसार लगती है।
• सुरक्षित और प्रभावी: स्वास्थ्य संगठनों द्वारा मान्यता प्राप्त यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं होते।
सरकार और स्वास्थ्य संगठनों की पहल
सरकार और स्वास्थ्य संगठनों (Government and health organizations) ने सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है। स्कूलों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन एचपीवी वैक्सीन के जरिए इससे बचाव किया जा सकता है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपनी बेटियों को सही उम्र में यह टीका जरूर लगवाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।