लखनऊ में फिटनेस कल्चर लगातार बढ़ रहा है। गली-कूचों से लेकर बड़े-बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक जिम की भरमार है। लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर खामियां बनी हुई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक याचिका की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि बिना सुरक्षा मानकों के पुरुष ट्रेनर महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। महिला आयोग ने 9 महीने पहले गाइडलाइन जारी की थी, लेकिन हालात जस के तस हैं।
गाइडलाइन क्या कहती हैं?
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने नौ माह पहले स्पष्ट निर्देश जारी किए थे:
- हर जिम में महिला ट्रेनर होना अनिवार्य है।
- महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम और चेंजिंग रूम होना चाहिए।
- जिम परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाना जरूरी है।
- रिसेप्शन पर महिला कर्मचारी की तैनाती होनी चाहिए।
लेकिन लखनऊ में अधिकांश जिम इन गाइडलाइंस की खुली अवहेलना कर रहे हैं। कई जगह तो चेंजिंग रूम तक नहीं हैं।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
शहर के प्रमुख जिमों का हाल भी चिंताजनक है। जहां महिलाएं और लड़कियां बड़ी संख्या में आती हैं, वहां भी महिला ट्रेनर की कमी है। कुछ जगह चेंजिंग रूम हैं, लेकिन महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था नहीं। नतीजतन महिलाओं को असहजता और असुरक्षा झेलनी पड़ती है। फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि महिला ट्रेनर न होने से कई बार महिलाएं असहज होकर सही तरह से एक्सरसाइज़ नहीं कर पातीं। साथ ही पुरुष ट्रेनर के साथ बिना निगरानी के वर्कआउट करने से सुरक्षा और गोपनीयता का खतरा बढ़ जाता है।
जिम एसोसिएशन की राय
जिम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और फ्यूजन फिटनेस जिम के संचालक विकास सिंह ने कहा, “जिम में महिला ट्रेनर, अलग वॉशरूम और चेंजिंग रूम, सीसीटीवी कैमरे और रिसेप्शन पर महिला कर्मचारी होना चाहिए। तमाम जिम में इनका पालन नहीं हो रहा। गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों पर एक्शन होगा तो सुधार होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि छोटे जिम या फिटनेस स्टूडियो भीड़भाड़ वाली गलियों में दुकान की तरह खुल गए हैं। यहां न तो प्रशिक्षित ट्रेनर हैं और न ही बेसिक सुविधाएं।
महिला फिटनेस एंथुज़ियास्ट की आवाज
रोजाना वर्कआउट करने वाली महिलाएं कहती हैं कि उन्हें जिम में प्राइवेसी चाहिए। कई महिलाएं इस कारण ऑनलाइन वर्कआउट चुन रही हैं। एक कॉलेज छात्रा ने कहा, “हमारी सोसाइटी के पास जिम है, लेकिन महिला ट्रेनर नहीं। चेंजिंग रूम भी नहीं है, इसलिए हमें वहां जाने में हिचकिचाहट होती है।”
क्यों ज़रूरी है नियमों का पालन?
फिटनेस इंडस्ट्री में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। लेकिन सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल न मिलने से महिलाएं पीछे हटती हैं। अलग चेंजिंग रूम, महिला ट्रेनर और सीसीटीवी कैमरे न सिर्फ सुरक्षा बल्कि जिम की प्रोफेशनल छवि भी मजबूत करते हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि गाइडलाइन उल्लंघन करने वाले जिम के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई कर सकता है। लाइसेंस रद्द करने तक के प्रावधान हैं।
आगे क्या?
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद उम्मीद की जा रही है कि जिला प्रशासन और नगर निगम संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। महिला आयोग भी समय-समय पर रिव्यू करेगा। जिम एसोसिएशन का कहना है कि वे नए नियमों का चार्ट सभी सदस्य जिम को भेजेंगे और पालन सुनिश्चित करेंगे।
सामाजिक संदेश
महिला सुरक्षा सिर्फ सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि फिटनेस और हेल्थ स्पेस में भी जरूरी है। जिम के मालिकों और ट्रेनर्स को भी महिलाओं की प्राइवेसी का सम्मान करते हुए बेसिक सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।
