रोशनी नादर मल्होत्रा भारत की प्रमुख महिला उद्यमियों में से एक हैं। वह HCL कॉरपोरेशन की चेयरपर्सन और सीईओ हैं। अपनी नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शिता के कारण उन्होंने न केवल HCL को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है बल्कि भारतीय कॉर्पोरेट दुनिया में भी एक मजबूत पहचान बनाई है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रोशनी नादर का जन्म 1982 में दिल्ली में हुआ था। वह मशहूर उद्योगपति शिव नादर की बेटी हैं। उन्होंने वसंत वैली स्कूल, दिल्ली से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी, अमेरिका से कम्युनिकेशंस में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री प्राप्त की।
HCL कॉरपोरेशन में करियर
रोशनी नादर ने अपने करियर की शुरुआत HCL कॉरपोरेशन से की। कुछ ही समय में उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता और बिजनेस समझ का परिचय दिया। 2009 में वह HCL कॉरपोरेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CEO बनीं। 2020 में उन्हें चेयरपर्सन का पदभार सौंपा गया।उनके नेतृत्व में HCL ने न केवल राजस्व में वृद्धि की बल्कि नई तकनीकी परियोजनाओं में भी सफलता प्राप्त की।
फिलांथ्रॉपी और सामाजिक कार्य
रोशनी नादर शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वह शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी हैं, जो देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में कई पहलों का संचालन करती है। इसके अलावा, उन्होंने द हैबिटेट ट्रस्ट की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत में जैव विविधता और पर्यावरण का संरक्षण करना है।
पुरस्कार और सम्मान
- फोर्ब्स की “द वर्ल्ड्स 100 मोस्ट पावरफुल वुमेन” सूची में शामिल।
- हुरुन इंडिया फिलांथ्रॉपी लिस्ट 2020 में उल्लेखनीय स्थान।
- NDTV यंग फिलांथ्रॉपिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित।
रोशनी नादर न केवल एक सफल बिजनेसवुमन हैं, बल्कि समाजसेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उनका दृष्टिकोण भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उन्होंने यह सिद्ध किया है कि समर्पण और मेहनत से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। शिव नादर की इकलौती बेटी रौशनी ने सिर्फ 27 साल की उम्र में वो मुकाम हासिल कर लिया है जिसके लिए लोग आधे से ज्यादा जीवन मेहनत कर डालते है। रौशनी HCL कॉरपोरेशन की एग्जीक्यूटिव और सीईओ बन गईं वह कम उम्र में बड़े मुकाम हासिल करने वाली फोर्ब्स की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची तक में शामिल हो चुकी हैं
