तिरुवनंतपुरम। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री और टीवी होस्ट श्वेता मेनन को AMMA (Association of Malayalam Movie Artists) की नई अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। उन्होंने गुरुवार को हुए चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी देवन को 159 बनाम 132 वोटों से हराया। इस चुनाव में 298 सदस्यों ने मतदान किया।
यह पहली बार है जब ‘अम्मा’ को महिला अध्यक्ष मिली है। श्वेता मेनन की यह जीत ना सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि मलयालम फिल्म उद्योग में लैंगिक समानता और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ भी है।
“अम्मा को महिला नेतृत्व चाहिए था, आज वह दिन आ गया है”: श्वेता मेनन
द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, अपनी जीत के बाद श्वेता मेनन ने कहा: “आपने कहा था कि अम्मा को एक महिला नेतृत्व चाहिए और आज वह दिन आ गया है। उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य संगठन को फिर से एकजुट करना और सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। जिन लोगों ने असहमति के कारण संगठन छोड़ा, मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से वापस बुलाऊंगी। इसके साथ ही उन्होंने WCC (Women in Cinema Collective) की सदस्याओं को भी ‘परिवार का हिस्सा’ बताते हुए सहयोग की इच्छा जताई।
‘अम्मा’ के लिए एक नया युग शुरू
महासचिव पद पर अभिनेता कुकू परमेश्वरन को 172 वोट मिले, जबकि उपाध्यक्ष के तौर पर लक्ष्मीप्रिया को 139 वोटों से चुना गया।
श्वेता मेनन ने कहा: “सिनेमा में कोई भेदभाव नहीं है, सिर्फ किरदार होते हैं। एक कलाकार की जिंदगी ‘एक्शन’ और ‘कट’ के बीच चलती है।” उनकी यह टिप्पणी फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव और उत्पीड़न के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक मानी जा रही है।
कौन हैं श्वेता मेनन?
श्वेता मेनन एक भारतीय फिल्म अभिनेत्री, टेलीविजन होस्ट और मॉडल हैं। उन्होंने 1990 के दशक में मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की थी और 1994 में फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में टॉप 5 में स्थान प्राप्त किया था।
प्रमुख फिल्में:
- मलयालम: अनस्वरम, पलेरी माणिक्यम, सॉल्ट एन पेपर
- हिंदी: बंधन, इश्क, अशोका
श्वेता को उनकी अदाकारी के लिए दो बार केरल स्टेट फिल्म अवार्ड भी मिल चुके हैं। उनका यह चुनाव केवल एक पद नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है उन सभी महिलाओं के लिए जो मनोरंजन उद्योग में नेतृत्व करना चाहती हैं।
मोहनलाल के इस्तीफे से शुरू हुआ बदलाव का सिलसिला
यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अभिनेता मोहनलाल के अगस्त 2024 में अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद हुआ है। मोहनलाल ने यह पद मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में यौन शोषण के बढ़ते आरोपों के चलते छोड़ा था।
क्या था मामला?
न्यायमूर्ति के. हेमा समिति की रिपोर्ट में इंडस्ट्री में महिलाओं की खराब कार्य स्थितियों और यौन उत्पीड़न के मामलों का ज़िक्र किया गया था।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 10-15 प्रमुख पुरुष निर्माता, निर्देशक और अभिनेता इंडस्ट्री पर पूरी तरह हावी हैं। इस रिपोर्ट के बाद WCC और अन्य महिला कलाकारों ने खुलकर शिकायतें कीं। सरकार ने एक SIT (Special Investigation Team) गठित की थी। इन विवादों के चलते ‘अम्मा’ की पूरी 17 सदस्यीय कार्यकारी समिति ने भी इस्तीफा दे दिया था।
महिलाओं के लिए बदलाव की उम्मीद बनी श्वेता की जीत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद श्वेता मेनन का अध्यक्ष चुना जाना एक सांस्कृतिक और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया है। उनकी यह जीत न केवल संगठन के भीतर नई ऊर्जा लाने वाली है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अब सिनेमा के मंच पर नेतृत्व केवल पुरुषों का क्षेत्र नहीं है।