“मैंगो फ्रूटी, ताजा और रसदार” ये लाइन हम सब ने कहीं न कहीं पढ़ा और सुनी जरुर है। ये है बच्चों से लेकर बूढ़ें तक की फेवरेट फ्रूटी। जिसे हर किसी ने कभी न कभी चख रखा है लेकिन क्या आपको पता है कि इस कंपनी के टर्नओवर को 300 करोड़ से 8000 हजार करोड़ बनाने के पीछे किसका हाथ है? ये हाथ है एक भारतीय बिजनेसवुमन Nadia Chauhan का जिन्हें पारले एग्रो कंपनी की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने फ्रूटी (Frooti) जैसे लोकप्रिय पेय पदार्थ को घर-घर तक पहुंचाने और इसे एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।
नादिया ने कंपनी को दी नई दिशा
नादिया ने मात्र 17 साल की उम्र में, साल 2003 में पारले एग्रो में औपचारिक रूप से काम शुरू किया। उस समय कंपनी का टर्नओवर लगभग 300 करोड़ रुपये था और यह ज्यादातर फ्रूटी पर निर्भर थी, जो इसके रेवेन्यू का 95% हिस्सा था। नादिया ने कंपनी को नई दिशा दी और कई इनोवेटिव कदम उठाए। उन्होंने फ्रूटी की पैकेजिंग को हरे से पीले रंग में बदला, जो आम के रंग से मेल खाता था, और इसे हर आयु वर्ग के लिए आकर्षक बनाया। इसके अलावा, छोटे और किफायती पैक लॉन्च किए, जैसे 2.5 रुपये का “समोसा पैक”, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में फ्रूटी की पहुंच बढ़ाई।
नए प्रोडक्टर किए लॉन्च
नादिया ने कंपनी की निर्भरता सिर्फ फ्रूटी से हटाकर नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए। साल 2005 में उन्होंने एप्पी फिज (Appy Fizz), एक सेब आधारित कार्बोनेटेड ड्रिंक, और बैली (Bailley), एक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर ब्रांड शुरू किया। इन दोनों ब्रांड्स ने बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी मार्केटिंग रणनीतियों में बॉलीवुड सितारों जैसे शाहरुख खान, आलिया भट्ट और अल्लू अर्जुन को ब्रांड एंबेसडर बनाना शामिल था, जिससे फ्रूटी और अन्य प्रोडक्ट्स की लोकप्रियता बढ़ी।
उनके नेतृत्व में पारले एग्रो का टर्नओवर 300 करोड़ से बढ़कर 2022-23 में 8,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें फ्रूटी का रेवेन्यू अकेले लगभग 4,000 करोड़ रुपये है। नादिया का लक्ष्य 2030 तक कंपनी को 20,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक ले जाना है। वह अपनी दो बड़ी बहनों, शौनक और अपेक्षा, के साथ मिलकर कंपनी को संभालती हैं। फोर्ब्स के अनुसार, उनके परिवार की नेट वर्थ करीब 6 बिलियन डॉलर है। नादिया चौहान की मेहनत, इनोवेशन और दूरदर्शिता ने फ्रूटी को न केवल भारत बल्कि 50 से ज्यादा देशों में एक जाना-माना नाम बना दिया।