नई दिल्ली। तुलसी—जिसे पवित्र तुलसी के नाम से भारतीय घरों में पूजा अर्चना में तवज्जो दी जाती है—न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके औषधीय गुणों को आधुनिक विज्ञान भी मान्यता देता है। खासकर अगर आप सुबह खाली पेट तुलसी की कुछ पत्तियाँ चबाते हैं, तो इस छोटे से अनुशासन से आपको स्वास्थ्य संबंधी कई फायदे मिल सकते हैं। आज हम आपको वैज्ञानिक जानकारी के साथ यह बताएँगे कि सुबह खाली पेट तुलसी की पत्तियाँ चबाने से क्या-क्या फ़ायदे होते हैं:
- इम्यूनिटी का बूस्ट (रोग प्रतिरोधक क्षमता)
तुलसी में विटामिन C, यूजेनॉल और अन्य शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट मौजूद हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। यह वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है और सर्दी-खांसी जैसी बीमारियों को रोकता है
- तनाव और तनाव हार्मोन में कमी (एडैप्टोजन)
तुलसी को एक एडैप्टोजन कहा जाता है—यह शरीर के कोरटिसोल (तनाव हार्मोन) को लगभग 36% तक कम कर सकता है। इससे मानसिक स्पष्टता और शांति मिलती है
- पाचन में सुधार और गैस-ब्लोटिंग में कमी
तुलसी पाचन एंजाइम्स को उत्तेजित कर पाचन को सरल बनाती है। इससे अपच, गैसीनेस और ब्लोटिंग में राहत मिलती है
- गले और श्वास संबंधी स्वास्थ्य
इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण श्वसन तंत्र को मजबूत बनाते हैं—खांसी, गले की तकलीफ और अस्थमा जैसे लक्षणों में राहत मिलती है
- ओरल स्वास्थ्य में लाभ (मुँह की सफाई)
तुलसी की एंटीमाइक्रोबियल प्रकृति मौखिक स्वास्थ्य के लिए बेहद मददगार है। इससे बदबू, मसूड़ों के संक्रमण और मुंह के अल्सर में आराम मिलता है
- खून में शर्करा नियंत्रण (ब्लड शुगर)
यह इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करती है और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखती है—यह मधुमेह रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है
- हृदय-स्वास्थ्य (हार्ट हेल्थ)
तुलसी रक्तचाप को नियंत्रित करने, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण दिल को प्रभावी रूप से सुरक्षा प्रदान करते हैं
- त्वचा सुधार और डिटॉक्सिफ़िकेशन
तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को मुक्त-कणों से बचाते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार होती है
- गुर्दे और पथरी से राहत
यह प्राकृतिक मूत्रवर्धक (diuretic) है—मूत्राशय को साफ रखता है और गुर्दे की पथरी को कम करने में सहायता करता है
- ओरल pH संतुलन
उत्तरीकारिण पाचन और मुंह में pH को अधिक क्षारीय बनाकर, तुलसी दांतों की क्षति और कैविटी को रोकने में सहायक साबित होती है