हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) मनाया जाता है। यह दिन उन सभी निःस्वार्थ लोगों को समर्पित है, जो अपनी मर्जी से रक्तदान कर दूसरों की जान बचाने का काम करते हैं। रक्तदान को “महादान” कहा गया है और यह सही भी है—क्योंकि एक यूनिट खून किसी की जिंदगी का आखिरी सहारा बन सकता है। इसी उद्देश्य के साथ प्रत्येक वर्ष विश्व रक्तदाता दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है। इस आर्टिकल में हम विश्व रक्तदाता दिवस की इस वर्ष की थीम, इतिहास और उद्देश्य के विषय में विस्तापूर्वक जानेगें?
विश्व रक्तदाता दिवस 2025 की थीम

इस वर्ष 2025 में World Blood Donor Day की थीम है:”रक्त दो, आशा दो: साथ मिलकर जीवन बचाएं” (“Give blood, give hope: together we save lives”) इस थीम का संदेश है—जब आप रक्तदान करते हैं, तो आप न सिर्फ खून देते हैं, बल्कि किसी को जीने की एक नई उम्मीद, साहस और शक्ति भी देते हैं। यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का कर्तव्य है कि वह जरूरतमंदों को समय पर और सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराए।
विश्व रक्तदाता दिवस का इतिहास: 14 जून को ही क्यों?

विश्व रक्तदाता दिवस की शुरुआत 2004 में WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन), ISBT (इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन) और रेड क्रॉस जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा की गई थी। 14 जून का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि यह डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर का जन्मदिन है—जिन्होंने ABO Blood Group System की खोज की थी। उनकी इस खोज ने रक्तदान को वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रक्रिया में बदल दिया।
विश्व रक्तदाता दिवस का क्या है उद्देश्य?

रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करना
समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना
स्वेच्छा से रक्तदान को बढ़ावा देना
युवाओं को रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित करना
विश्व रक्तदाता दिवस का महत्व

रक्तदान हर साल लाखों लोगों की जान बचाता है—चाहे वो सड़क दुर्घटना हो, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी, सर्जरी या थैलेसीमिया जैसे रोग। भारत सहित दुनियाभर में ब्लड बैंकों में खून की लगातार जरूरत रहती है, लेकिन कई बार लोग खून की कमी के कारण दम तोड़ देते हैं। इस दिन का उद्देश्य न सिर्फ रक्तदान के महत्व को उजागर करना है, बल्कि उन रक्तदाताओं को सम्मान देना भी है, जो निःस्वार्थ भाव से दूसरों के जीवन को बचाते हैं। रक्तदान से समाज स्वास्थ्य में सुधार होता है। ब्लड बैंक में ब्लड की नियमित उपलब्धता बनी रहती है। साथ ही रक्तदाता को भी स्वास्थ्य लाभ मिलता है, जैसे कि आयरन संतुलन और हृदय स्वास्थ्य में सुधार।
जीवन का उपहार दीजिए

2025 की थीम “रक्त दो, आशा दो: साथ मिलकर जीवन बचाएं” हमें याद दिलाती है कि रक्तदान सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं है, यह मानवता का सबसे सच्चा रूप है। इसलिए, आइए इस दिवस के माध्यम से हम अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करें और एक स्वस्थ, संवेदनशील और जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें। याद रखें आपका एक यूनिट खून किसी की पूरी जिंदगी बदल सकता है।