दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी की रिटेल और व्यापारिक दुकानों में अब महिलाएं रात में भी काम कर सकेंगी। दिल्ली सरकार ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है, जिससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और दिल्ली को 24 घंटे सक्रिय व्यापारिक शहर के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। हालांकि यह अनुमति कुछ विशेष शर्तों के साथ दी गई है। सबसे अहम बात यह है कि किसी भी महिला कर्मचारी से पहले उसकी लिखित सहमति ली जानी अनिवार्य होगी। यानी कोई भी महिला तभी रात की शिफ्ट में काम कर सकेगी जब वह स्वयं इसके लिए तैयार हो।
मुख्य बिंदु :
- अब महिलाएं दिल्ली के रिटेल और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में 24 घंटे काम कर सकेंगी।
- महिला कर्मचारी से लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा।
- प्रतिष्ठानों को देना होगा रात में सुरक्षित परिवहन, CCTV निगरानी और महिला गार्ड।
- महिलाओं के लिए POSH समिति, शौचालय, विश्राम कक्ष और लॉकर जैसी सुविधाएं ज़रूरी।
- वेतन केवल बैंक ट्रांसफर या ECS के माध्यम से होगा।
- सभी कानूनी सुविधाएं जैसे ESI, PF, बोनस, ओवरटाइम अनिवार्य होंगी।
- दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि शहर को 24×7 व्यापार केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
- यह निर्णय अभी उपराज्यपाल की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है।
- दिल्ली अब उन राज्यों में शामिल हो गया है जहाँ महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति है।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने यह तय किया है कि प्रतिष्ठानों को रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था करनी होगी। साथ ही परिसर में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे और पर्याप्त संख्या में महिला सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहने चाहिए। इसके अलावा, POSH (Prevention of Sexual Harassment) के अंतर्गत एक आंतरिक समिति का गठन भी आवश्यक होगा, जो कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों को देखेगी। प्रतिष्ठानों को महिलाओं के लिए साफ-सुथरे शौचालय, विश्राम कक्ष और लॉकर जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया करानी होंगी। वेतन का भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से यानी ECS या बैंक ट्रांसफर से ही किया जा सकेगा। साथ ही हर कर्मचारी को ESI, PF, बोनस, ओवरटाइम और साप्ताहिक छुट्टी जैसे सभी कानूनी अधिकार देना अनिवार्य होगा।
यह प्रस्ताव अब दिल्ली के उपराज्यपाल के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था की पूरी गारंटी के साथ ही इसे लागू किया जाएगा। दिल्ली अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहां महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। इससे पहले हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे राज्य यह फैसला ले चुके हैं। यह कदम न केवल महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाएगा, बल्कि एक आधुनिक और लचीले कार्य-संस्कृति की दिशा में भी भारत को आगे ले जाएगा। अगर आप चाहें तो इस लेख को मैगज़ीन, अख़बार या सोशल मीडिया पोस्ट में और अधिक विज़ुअल और रचनात्मक अंदाज़ में भी ढाल सकती हूँ।
