उत्तर प्रदेश सरकार ने Mission Shakti 5.0 के तहत महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर राज्यभर में व्यापक अभियान शुरू किया है। यह पहल 24 दिसंबर तक चल रही है और इसका उद्देश्य महिलाओं को हर क्षेत्र में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
हर थाने में सक्रिय हेल्प‑डेस्क
अभियान के तहत राज्य के 1,647 पुलिस थानों में महिला हेल्प‑डेस्क स्थापित किए गए हैं। इन डेस्कों का काम है कि किसी भी महिला के साथ होने वाले अपराध या उत्पीड़न की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इससे महिलाओं को न्याय तक पहुँचने में समय की बचत होती है और शिकायत दर्ज कराने में आसानी होती है।
महिला बीट कोन्स्टेबल, एंटी‑रोमियो स्क्वॉड और पिंक‑पैट्रोल
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला बीट कोन्स्टेबल और एंटी‑रोमियो स्क्वॉड हर क्षेत्र में तैनात हैं। इसके अलावा, पिंक‑पैट्रोल यूनिट स्कूल, कॉलेज और भीड़ वाले इलाकों में लगातार भ्रमण कर रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित महसूस कराना है और किसी भी प्रकार की परेशानियों से तुरंत निपटना है।
डिजिटल सुरक्षा और साइबर जागरूकता
साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न से निपटने के लिए 1090 हेल्पलाइन और साइबर मॉनिटरिंग सेल पूरी तरह से सक्रिय हैं। ये सिस्टम स्टॉकिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल खतरों पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। इसके साथ ही, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप आयोजित की जा रही हैं, ताकि छात्राओं को डिजिटल रूप से मजबूत और सतर्क बनाया जा सके।
परिणाम और प्रभाव
इन प्रयासों से राज्य में महिलाओं के लिए सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है। हेल्प‑डेस्क और पिंक‑पैट्रोल जैसी व्यवस्थाओं ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई है। साइबर जागरूकता और डिजिटल सशक्तिकरण ने छात्राओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर और सतर्क बनाया है।
Mission Shakti 5.0 केवल एक योजना नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की गरिमा, सम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह अभियान साबित करता है कि जब सुरक्षा, जागरूकता और सशक्तिकरण एक साथ आए, तो महिलाएं हर क्षेत्र में सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सकती हैं।
