मदर्स डे के विशेष अवसर पर गोमती नगर स्थित दयाल गेटवे में आयोजित “मातृका महोत्सव 2026” महिलाओं की शक्ति, आत्मविश्वास, संघर्ष और उपलब्धियों का एक यादगार और प्रेरणादायक उत्सव बनकर उभरा। अदीरा Pink is Powerful, Ishaya और Iris के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने सम्मान, संस्कृति, फैशन, कला और भावनाओं को एक मंच पर खूबसूरती से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शामिल हर व्यक्ति ने महिलाओं के आत्मविश्वास और उनकी उपलब्धियों को करीब से महसूस किया।
यह आयोजन केवल एक फैशन शो या मनोरंजन कार्यक्रम नहीं था, बल्कि महिलाओं को उनकी पहचान, प्रतिभा और संघर्ष के साथ समाज के सामने मजबूती से प्रस्तुत करने की एक सामाजिक पहल भी थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, तालियों की गूंज और भावुक क्षणों ने माहौल को ऊर्जा और संवेदनाओं से भर दिया।
दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना से हुई मातृका महोत्सव की शुभ शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और पारंपरिक गणेश वंदना के साथ हुई। आध्यात्मिक वातावरण में प्रस्तुत इस मनमोहक वंदना ने पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा और भक्ति भाव से भर दिया। जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित हुआ, वैसे ही महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समर्पित इस भव्य यात्रा का शुभारंभ हुआ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संयुक्ता भाटिया ने महिलाओं की भूमिका को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

प्रेरणादायी महिलाओं को किया गया सम्मानित
मातृका महोत्सव 2026 का सबसे विशेष हिस्सा रहा उन महिलाओं का सम्मान, जिन्होंने समाज, अध्यात्म, कला और प्रेरणा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। कार्यक्रम में महिलाओं को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित कर उनकी उपलब्धियों को मंच पर सम्मान दिया गया। स्प्रिचुअल गुरु सोहानी पांडेय को “डिवाइन मदर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एक महिला केवल परिवार की नींव नहीं होती, बल्कि वह समाज की सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र भी होती है। वहीं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कोच और मोटिवेशनल स्पीकर रेनिता एस कपूर को “ग्लैमरस मदर अवॉर्ड” प्रदान किया गया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर आद्या श्रीवास्तव को “करिश्मैटिक मदर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी पहचान बना रही हैं और अपनी आवाज को समाज तक पहुंचा रही हैं। इन सभी महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने की नई प्रेरणा दी।
महिला उद्यमिता को मिला नया मंच
कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा संचालित कई आकर्षक स्टॉल्स भी लगाए गए, जो पूरे आयोजन का विशेष आकर्षण बने। इन स्टॉल्स पर फैशन, हैंडक्राफ्ट, लाइफस्टाइल, ज्वेलरी, स्किनकेयर और विभिन्न क्रिएटिव उत्पादों की शानदार झलक देखने को मिली। महिला उद्यमियों ने बताया कि ऐसे मंच उन्हें अपने व्यवसाय को लोगों तक पहुंचाने और अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करते हैं। स्टॉल्स पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली और लोगों ने महिलाओं की रचनात्मकता और मेहनत की खुलकर सराहना की। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे अपनी मेहनत और हुनर से नई सफलताओं की कहानी लिख सकती हैं।
रैंप वॉक ने जीता दिल
शाम का सबसे आकर्षक और चर्चित हिस्सा रहा ‘सखी’ थीम पर आधारित रैंप वॉक। इस प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति, महिला सौंदर्य और आत्मविश्वास को बेहद खूबसूरती से मंच पर उतारा। फैशन कोरियोग्राफर समीर श्रीवास्तव के निर्देशन में आयोजित इस रैंप वॉक में प्रतिभागियों ने पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में शानदार प्रस्तुति दी। स्पॉटलाइट में आत्मविश्वास के साथ मंच पर चलती महिलाओं ने पूरे माहौल को तालियों की गूंज से भर दिया। वहीं रूपाली श्रीवास्तव के Power and Pride Club द्वारा प्रस्तुत विशेष रैंप वॉक ने महिलाओं के सशक्त व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को प्रभावशाली अंदाज में दर्शाया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस प्रस्तुति की जमकर सराहना की। फैशन मॉडल तान्या भटनागर ने कहा कि ऐसे मंच महिलाओं को अपनी पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। उन्होंने इस आयोजन को महिलाओं के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया।

एसिड अटैक सर्वाइवर्स की प्रस्तुति बनी सबसे भावुक पल
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने रैंप पर आत्मविश्वास के साथ कदम रखा। चेहरे पर जख्म जरूर थे, लेकिन उनके हौसले, मुस्कान और आत्मविश्वास किसी भी सुंदरता से कहीं ज्यादा चमकदार दिखाई दे रहे थे। उनकी प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया। हर कदम के साथ उन्होंने यह संदेश दिया कि जिंदगी की खूबसूरती चेहरे से नहीं, बल्कि हिम्मत और आत्मविश्वास से तय होती है। पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर एसिड अटैक सर्वाइवर्स के नि:शुल्क इलाज और पुनर्वास के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले डॉ. विवेक कुमार सक्सेना को उनके मानवीय योगदान और समाजसेवा के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके कार्यों की सभी ने प्रशंसा की।
डांस प्रस्तुतियों ने बांधा समां
उड़ान डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग डांस परफॉर्मेंस ने पूरे माहौल को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया और कार्यक्रम में मनोरंजन का अलग रंग घोल दिया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गूंज यह साबित कर रही थी कि यह मंच केवल फैशन और ग्लैमर का नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति का भी उत्सव था।
महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास का उत्सव
मातृका महोत्सव 2026 केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, समर्पण, आत्मविश्वास और शक्ति को समर्पित एक भावनात्मक उत्सव बनकर सामने आया। कार्यक्रम की संस्थापिका रितिका चौधरी ने कहा कि इस मंच का उद्देश्य महिलाओं को उनकी पहचान और प्रतिभा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। यही सोच मातृका महोत्सव को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक मजबूत सामाजिक पहल बनाती है। मातृका महोत्सव 2026 ने यह साबित कर दिया कि महिलाएं केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज की प्रगति और परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं।
