फिटनेस का नाम आते ही हमारे दिमाग में अक्सर एक खास तस्वीर बनने लगती है—जिम में वर्कआउट करती महिलाएं, ट्रैक पैंट और टी-शर्ट, स्पोर्ट्स शूज, फिटनेस बैंड और हाथ में पानी की बोतल। सोशल मीडिया पर फिटनेस से जुड़ी तस्वीरों और वीडियोज ने भी हमारे मन में यह धारणा मजबूत कर दी है कि एक्सरसाइज करने के लिए एक खास तरह के कपड़े पहनना जरूरी है। लेकिन क्या सच में ऐसा है?
क्या फिट रहने के लिए महंगे ब्रांड के जिम वियर, लेटेस्ट स्पोर्ट्स शूज या किसी खास स्टाइल के कपड़े जरूरी हैं?
फिटनेस का कोई तय ड्रेस कोड नहीं होता। फिटनेस का असली मकसद शरीर को सक्रिय रखना, ताकत बढ़ाना, ऊर्जा बनाए रखना और खुद को स्वस्थ महसूस करना है। कपड़े इसमें मदद जरूर कर सकते हैं, लेकिन वे फिटनेस की शर्त नहीं हैं।
कपड़े नहीं, शुरुआत जरूरी है
कई बार हम फिटनेस शुरू करने से पहले ही बहुत सारी चीजों के बारे में सोचने लगते हैं। कौन से कपड़े पहनें? जिम में क्या अच्छा लगेगा? कौन से शूज खरीदें? कौन सा ब्रांड बेहतर है? दूसरों के सामने हम कैसे दिखेंगे?
इन सवालों में उलझकर कई लोग एक्सरसाइज शुरू ही नहीं कर पाते। जबकि फिटनेस की शुरुआत बहुत साधारण तरीके से हो सकती है। घर पर आरामदायक कपड़ों में योग किया जा सकता है, पार्क में अपनी सुविधा के अनुसार कपड़े पहनकर वॉक की जा सकती है और घर के किसी शांत कोने में स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज की जा सकती है।
जो पहनें, उसमें सहज महसूस करें
फिटनेस के दौरान कपड़ों का सबसे जरूरी गुण है—आराम। ऐसे कपड़े जिनमें शरीर आसानी से मूव कर सके, एक्सरसाइज के दौरान परेशानी न हो और बार-बार कपड़े ठीक करने की जरूरत न पड़े, वे ज्यादा उपयोगी होते हैं। किसी के लिए ट्रैक पैंट और टी-शर्ट आरामदायक हो सकती है, तो कोई ढीले कपड़ों में ज्यादा सहज महसूस कर सकता है।
कुछ महिलाएं लेगिंग्स और टॉप में आराम महसूस करती हैं, जबकि कुछ सलवार-कुर्ते या दूसरे आरामदायक कपड़ों में वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज करना पसंद करती हैं। इसका कोई एक सही
फिटनेस और फैशन को अलग-अलग समझना जरूरी है
आज फिटनेस एक लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है। इसके साथ फिटनेस फैशन भी तेजी से बढ़ा है। अलग-अलग रंग, डिजाइन और स्टाइल के एक्टिववियर बाजार में उपलब्ध हैं। इन्हें पहनकर अच्छा महसूस करना बिल्कुल गलत नहीं है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब फिटनेस और फिटनेस फैशन को एक ही चीज समझ लिया जाता है।
एक अच्छी ड्रेस आपको वर्कआउट के दौरान सुविधा दे सकती है, लेकिन वह आपकी फिटनेस तय नहीं करती। आपकी मेहनत, निरंतरता, खान-पान, नींद और शारीरिक गतिविधि आपकी फिटनेस पर कहीं ज्यादा असर डालते हैं। इसलिए अगर आपके पास ब्रांडेड एक्टिववियर नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप फिटनेस के लिए तैयार नहीं हैं।
हर शरीर के लिए फिटनेस जरूरी है
फिटनेस को अक्सर एक खास बॉडी शेप से जोड़ दिया जाता है। सोशल मीडिया पर परफेक्ट बॉडी और फिटनेस मॉडल्स की तस्वीरें देखकर कई महिलाएं अपने शरीर को लेकर असहज महसूस करने लगती हैं।
लेकिन फिटनेस का मतलब केवल पतला दिखना नहीं है। फिटनेस का मतलब है—सीढ़ियां चढ़ते समय कम थकना, शरीर में ऊर्जा महसूस करना, अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाना, बेहतर तरीके से सोना, तनाव कम करना और रोजमर्रा के काम आसानी से कर पाना।
हर शरीर अलग है और हर व्यक्ति की फिटनेस जर्नी भी अलग हो सकती है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति के कपड़े, शरीर या वर्कआउट रूटीन को देखकर अपनी तुलना करना जरूरी नहीं।
घर पर फिटनेस के लिए क्या पहनें?
घर पर एक्सरसाइज करने के लिए सबसे जरूरी है कि कपड़े आपकी गतिविधि के अनुसार आरामदायक हों। अगर आप योग कर रही हैं, तो ऐसे कपड़े बेहतर रहेंगे जिनमें शरीर को मोड़ने और स्ट्रेच करने में आसानी हो। वॉक या हल्की एक्सरसाइज के लिए भी आरामदायक कपड़े पर्याप्त हो सकते हैं। अगर आप ज्यादा इंटेंस वर्कआउट करती हैं, तो ऐसे कपड़े चुनना उपयोगी हो सकता है जो पसीना जल्दी सोखें और शरीर की मूवमेंट में रुकावट न डालें। लेकिन फिर वही बात—यह सुविधा के लिए है, कोई अनिवार्य ड्रेस कोड नहीं।
जिम जाने वाली महिलाओं के लिए भी यही बात
जिम का माहौल थोड़ा अलग हो सकता है। वहां अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज और मशीनों का इस्तेमाल होता है, इसलिए कपड़े ऐसे होने चाहिए जिनमें सुरक्षित तरीके से मूवमेंट की जा सके। बहुत ढीले कपड़े कुछ एक्सरसाइज या मशीनों के दौरान असुविधा पैदा कर सकते हैं। वहीं बहुत टाइट या असहज कपड़े भी परेशानी का कारण बन सकते हैं।
जूते भी गतिविधि के अनुसार होने चाहिए। वॉकिंग, रनिंग और कुछ खास तरह की ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग प्रकार के फुटवेयर उपयोगी हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि फिटनेस शुरू करने से पहले आपको पूरी अलमारी बदलनी पड़े।
