एक समय में नौजिशा केरल के कोझिकोड में रहती थीं। उसे उसके पति द्वारा लगातार पीटा और अपमानित किया जाता था, और वह इतनी दुखी और असहाय महसूस करती थी कि उसने अपनी जान लेने की भी कोशिश की। लेकिन आज नौजिशा एक पुलिस अफसर हैं और दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। उसने अपने लिए खड़ा होना और अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है।

नौजीशा के पास कंप्यूटर एप्लीकेशन की डिग्री है और वह शादी से पहले गेस्ट लेक्चरर रह चुकी हैं। शादी के बाद उनकी अपने पति से अनबन होने लगी। शादी से पहले उसका पति उसके काम करने से सहमत था, लेकिन शादी के बाद उसने उसे घर पर रहने के लिए कहा।
उस वक्त नौजिशा ने पति की बात को मान लिया लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतने लगा उन्हें ये एहसास होने लगा कि ये शादी उनके लिए किसी जंजीर से कम नहीं है। उनका पति बात-बात पर उन्हें मारा करता था। हालांकि नौजिशा का परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा और उन्हें घर वापस आने को भी कहा। लेकिन नौजिशा समाज के डर से पति का घर छोड़ नहीं पाई।
सालों तक इस शादी में झेलने के बाद नौजिशा पूरी तरह से हार गई और उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन कुएं के पास पहुंचकर उनके कदम रुक गए और उन्होंने फैसला किया कि वह हालातों का सामना करेंगी।
3 साल तक प्रताड़ना झेलने के बाद साल 2016 में, अपने 1 साल के बेटे के साथ उन्होंने पति का घर छोड़ दिया। इस निर्णय में उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया। तलाक के बाद नौजिशा ने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का फैसला कर लिया और दोबारा लेक्चरर की नौकरी शुरू की। साथ ही वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी करती रहीं।
नौजिशा ने केरल पुलिस स्पेशल रिक्रूटमेंट की परीक्षा में सफलता हासिल की और सिविल पुलिस फोर्स में शामिल हो गईं। आज नौजिशा अपनी मेहनत और जुनून से केरल में पुलिस अफ़सर के तौर पर काम कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित रखने का ज़िम्मा अपने कंधों पर उठाया है!
साथ ही अपने जज़्बे से वह देश की अन्य महिलाओं के लिए नारी शक्ति की बेहतरीन उदाहरण और प्रेरणा भी बन चुकी हैं।