Facebook Instagram X-twitter Youtube
Sign In
Subscribe
Aap Ki Adira – Celebrating the Power Within Every Woman
  • फैशन & लाइफस्टाइल
  • हेल्थ & ब्यूटी
  • पेरेंटिंग & करियर
  • हुनर & एम्पावरमेंट
  • पैशन & ड्रीम
  • इवेंट
Reading: समाज की बेड़ियां तोड़कर आगे आने वाली महिलाएं, देश की आजादी के नाम कर दी जिंदगी !
Share
ऑडीओ
Aap Ki Adira – Celebrating the Power Within Every WomanAap Ki Adira – Celebrating the Power Within Every Woman
Font ResizerAa
  • फैशन & लाइफस्टाइल
  • कुकिंग & बेकिंग
  • हेल्थ & ब्यूटी
  • पेरेंटिंग & करियर
  • हुनर & एम्पावरमेंट
  • पैशन & ड्रीम
  • इवेंट
  • ऑडीओ
Search
  • फैशन & लाइफस्टाइल
  • कुकिंग & बेकिंग
  • हेल्थ & ब्यूटी
  • पेरेंटिंग & करियर
  • हुनर & एम्पावरमेंट
  • पैशन & ड्रीम
  • इवेंट
  • ऑडीओ
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Privacy Policy
  • Return & Refund Policy
  • Terms & Conditions
© 2025 Adira. All Rights Reserved.
Aap Ki Adira – Celebrating the Power Within Every Woman > Blog > Achiever Club > समाज की बेड़ियां तोड़कर आगे आने वाली महिलाएं, देश की आजादी के नाम कर दी जिंदगी !
Achiever Club

समाज की बेड़ियां तोड़कर आगे आने वाली महिलाएं, देश की आजादी के नाम कर दी जिंदगी !

Adira
Last updated: February 4, 2025 7:20 am
Adira
1 year ago
Share
SHARE

भारत की उन महिलाओं को सलाम,

जिन्होंने देश के लिए दिया प्राणों का बलिदान!!

15 अगस्त, 2024 को भारत अपना 77वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों को नमन करते हैं बल्कि उन महिलाओं को भी नमन करते हैं जिन्होंने नारी शक्ति को बढ़ावा देकर, समाज की बेड़ियों को तोड़कर अपनी जिंदगी देश की आजादी के नाम कर दी।  

जहां देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और बहुत से पुरुष स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा था, तो वहीं देश की महिलाएं भी पीछे नहीं हटी थी। देश की कई बहादुर महिला स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी आखिरी सांस तक ब्रिटिश हुकूमत का सामना किया था और डटकर मैदान में खड़ी रही थी।  आइयें जानते हैं इन महिलाओं के बारे में ,

रानी लक्ष्मीबाई

‘बुंदेले हरबोलों के मुंह, हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो, झांसी वाली रानी थी’,  हम सबका बचपन इन्हीं कविताओं को पढ़ते और सुनते हुए बीता है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी आखिरी सांस तक ब्रिटिश सेना का सामना किया था। रानी लक्ष्मीबाई के पति राजा गंगाधर के निधन के बाद अंग्रेजों ने उनकी झांसी को अपने अधीन करना चाहा, लेकिन रानी लक्ष्मीबाई अपनी आखिरी सांस तक अंग्रेजों के खिलाफ लड़ती रही थी।

सरोजिनी नायडू

भारत की कोकिला के नाम से पहचान बनाने वाली सरोजिनी नायडू का नाम देश की महान और प्रमुख महिला स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं। सविनय अवज्ञा आंदोलन और असहयोग आंदोलन में यह काफी सक्रिय थी, जिसके कारण इन्हें जेल में भी रातें बितानी पड़ी थीं। सरोजिनी नायडू 1925 में कानपुर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष रही थीं।

कस्तूरबा गांधी

राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी की धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक उत्थान में उनके बहुमूल्य योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इसके लिए उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था। वह भारत की आजादी की लड़ाई में अंत तक लगी रही और अपने पति महात्मा गांधी के हर प्रयास में उनके साथ खड़ी रहीं।

नीरा आर्या

देश की आजादी में नीरा आर्या के  बलिदानों की कहानी सुनकर लोगों की रूंह कांप जाती है। दरअसल, नीरा आर्या ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने पति तक की हत्या कर दी थी। अपने पति की हत्या के लिए नीरा को जेल में कारावास की सजा दी गई थी,  जेल में रहने के दौरान अंग्रेज इन पर रोज नए टॉर्चर कर रहे थे, ताकि यह सब बता दें, अंग्रेजों ने नीरा के स्तन तक काट दिए थे,  रोती-बलिखती रहीं, लेकिन इन्होंने देश के साथ गद्दारी नहीं की। इस तरह, वह आजाद हिंद फौज की पहली महिला संपत्ति बन गईं। 

बेगम हजरत महल

बेगम हज़रात महल को रानी लक्ष्मीबाई के समकक्ष के रूप में जाना जाता है। दरअसल, बेगम हजरत महल ने ही  1857 में हुई आजादी की पहली लड़ाई में अपनी बेहतरीन संगठन शक्ति और बहादुरी से अंग्रेजी हुकूमत को नाकों तले चने चबाने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने लड़ाई के दौरान ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने को कहा।

You Might Also Like

Tanushka Singh:कौन है IAF की पहली महिला पायलट तनुष्का सिंह,जानिए उनके संघर्ष की कहानी

इस महिला के जज्बे को सलाम….7 महीने की प्रेग्नेंट,  फिर भी पेरिस ओलंपिक में लिया हिस्सा !

इलेक्ट्रॉनिक शॉक्ड लगने से खोया एक हाथ, इस लड़की के जज्बे को सलाम..

मजदूरी करके पूरी की पीएचडी की पढ़ाई, दूसरो के लिए मिसाल है Bharathi Sake

डिलीवरी के बाद महिलाओं को अब नहीं करना होगा तकलीफों का सामना

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
Previous Article गरीबी ने इस महिला को बना दिया इलेक्ट्रीशियन, रोज कर रहीं 1000 से 1500 तक की कमाई !
Next Article विटिलिगो को हरा कर क्रिएटर बनी आस्था शाह, ‘कमजोरी को बनाया ताकत’ !
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Media
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
टॉप स्टोरीज

सर्दी-जुकाम से बचना चाहते हैं? इन 4 गलतियों से तुरंत बचें

By Admin
6 hours ago

मानसून स्पेशल: बारिश में पकौड़े नहीं, ट्राई करें ये लजीज और हेल्दी स्नैक्स

By Admin
6 hours ago

भारत की पहली महिला मरीन इंजीनियर सोनाली बनर्जी: लहरों से लड़कर लिखा इतिहास

By Admin
7 hours ago
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
Aap Ki Adira – Celebrating the Power Within Every Woman

Our Categories

  • फैशन & लाइफस्टाइल
  • हेल्थ & ब्यूटी
  • पेरेंटिंग & करियर
  • हुनर & एम्पावरमेंट
  • पैशन & ड्रीम
  • इवेंट

Quick Links

  • About Us
  • Contact Us
  • Subscribe Us

Other Links

  • Privacy Policy
  • Return & Refund Policy
  • Terms & Conditions
© 2025 Adira. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up