रंग, रिश्ते और खुद से मुलाक़ात का मार्च अंक
प्रिय पाठिकाओं,
मार्च का महीना सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, मन के रंगों का भी उत्सव है। होली की आहट के साथ जीवन में उमंग, हंसी और नई शुरुआत की ऊर्जा घुल जाती है। इस अंक में हमने “रंगों में नारी”, “होली, हंसी और हदें” और “रंग, रस और रसोई” जैसे विषयों के जरिए त्योहार की खुशियों के साथ उसकी संवेदनशीलताओं को भी छुआ है। साथ ही होली पर त्वचा और बालों की देखभाल, स्टाइलिश और कंफर्टेबल आउटफिट, और ओवर मॉइस्चराइजेशन से बचने जैसे उपयोगी सुझाव भी शामिल किए हैं, ताकि आपका उत्सव सुरक्षित और सुंदर रहे।
यह अंक केवल त्योहार का उत्सव नहीं है, यह स्त्री जीवन की गहराइयों को भी छूता है। 40 के बाद आंखों की जांच की जरूरत, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड से बचाव और बदलते दौर की पैरेंटिंग जैसे लेख रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़े जरूरी सवालों को उठाते हैं। वहीं “आई कैची लुक्स” के बीच हम याद दिलाते हैं कि असली आकर्षण आत्मविश्वास में है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष लेख “वो बदलेगी तो वक्त बदलेगा” इस अंक का केंद्र है। मां-बेटी और तीन पीढ़ियों के संवाद से लेकर “संदूक में रखे सपने” और थिएटर में महिलाओं की भूमिका तक—हर लेख स्त्री की बदलती पहचान और उसकी भीतर छिपी शक्ति को रेखांकित करता है।
प्रिय पाठिकाओं, यह अंक आपको अपने रंग पहचानने, उन्हें स्वीकारने और पूरे आत्मविश्वास से जीने का आमंत्रण है। उम्मीद है यह आपके मन को छुएगा और आपको खुद से एक नई मुलाकात का अवसर देगा।
अदीरा सिर्फ़ एक पत्रिका नहीं, आपकी आवाज़ का मंच है। अगर आपके मन में भी कोई कविता, कहानी या अनुभव है जिसे आप शब्द देना चाहती हैं, तो हमें ज़रूर लिखें। मेल करें: aapkiadira@gmail.com या व्हाट्सएप करें: 9116200518
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