आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में माता-पिता बच्चों से प्यार तो बहुत करते हैं, लेकिन उनके साथ वास्तविक और सुकून भरा समय बिताना अक्सर मुश्किल हो जाता है। काम का दबाव, मोबाइल, स्क्रीन और रोज़मर्रा की जिम्मेदारियों के बीच बच्चों के साथ Quality Time कम होता जा रहा है, जबकि उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए यही समय सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।
क्वालिटी टाइम क्या होता है?

क्वालिटी टाइम का मतलब यह नहीं कि आप बच्चों के साथ घंटों बैठें, बल्कि यह कि जब भी उनके साथ हों, पूरी तरह मौजूद रहें। बिना मोबाइल, बिना जल्दबाज़ी और बिना किसी और चिंता के। ऐसा समय बच्चों को यह महसूस कराता है कि वे सिर्फ़ सुने ही नहीं जा रहे, बल्कि समझे भी जा रहे हैं।
बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खुद को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस करते हैं। जब माता-पिता उनकी बात ध्यान से सुनते हैं, उनके सवालों का धैर्य से जवाब देते हैं और उनके साथ हँसते–खेलते हैं, तो बच्चों और अभिभावकों के बीच भरोसे का रिश्ता मज़बूत होता है।
क्वालिटी टाइम कैसे बनाएं?

क्वालिटी टाइम बनाने के लिए बहुत बड़े प्रयासों की ज़रूरत नहीं होती। दिन में 20–30 मिनट ऐसा समय निकालना काफी है जो सिर्फ़ बच्चों के लिए हो। इस दौरान उनसे उनके दिन के बारे में बात करें, साथ में खेलें, कहानी पढ़ें या बस यूँ ही बैठकर उनकी बातें सुनें। परिवार के साथ बैठकर खाना खाना, स्कूल से लौटते समय बातचीत करना या सोने से पहले कुछ पल साथ बिताना भी बेहद असरदार होता है।
आज के समय में स्क्रीन टाइम कम करना भी बहुत ज़रूरी है। जब माता-पिता खुद मोबाइल से दूरी बनाते हैं, तो बच्चे भी संवाद को महत्व देना सीखते हैं। बच्चों की पसंद, उनकी भावनाओं और उनके छोटे–छोटे सपनों को महत्व देना उन्हें आत्मसम्मान से भर देता है।
क्वालिटी टाइम का असर बच्चों के व्यवहार, सोच और भविष्य पर लंबे समय तक रहता है। ऐसे बच्चे ज़्यादा संतुलित, समझदार और भावनात्मक रूप से मज़बूत बनते हैं। वे अपनी बात खुलकर कह पाते हैं और रिश्तों की अहमियत समझते हैं।

अंत में यही कहा जा सकता है कि बच्चों को महंगे खिलौनों या बड़ी सुविधाओं से ज़्यादा माता-पिता का समय और साथ चाहिए। आपका थोड़ा सा ध्यान और सच्चा जुड़ाव उनके पूरे जीवन की दिशा तय कर सकता है। बच्चे बड़े होकर यह नहीं याद रखते कि आपने उन्हें क्या दिया, बल्कि यह याद रखते हैं कि आपने उनके साथ कितना समय जिया।
