मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अक्सर पीरियड क्रैम्प्स या पेट में ऐंठन की समस्या होती है। यह दर्द हल्का या कभी-कभी बहुत तीव्र भी हो सकता है और आम तौर पर पेट के निचले हिस्से, कमर और जांघों में महसूस होता है। पीरियड क्रैम्प्स का मुख्य कारण हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय की मांसपेशियों की सिकुड़न है।
पीरियड क्रैम्प्स के कारण
- हार्मोनल बदलाव – मासिक धर्म के दौरान शरीर में प्रॉस्टाग्लैंडिन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे गर्भाशय की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और दर्द होता है।
- गर्भाशय की मांसपेशियों का सिकुड़ना – रक्तस्राव के दौरान गर्भाशय सिकुड़ता है, जिससे पेट में ऐंठन होती है।
- जीवनशैली और तनाव – अत्यधिक तनाव, अनियमित खान-पान, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता क्रैम्प्स को बढ़ा सकती हैं।
- स्वास्थ्य समस्याएं – एंडोमेट्रियोसिस, यूटेरिन फाइब्रॉएड या पेल्विक इंफेक्शन जैसी बीमारियां भी दर्द का कारण बन सकती हैं।
कभी कभी समस्याएं बढ़ जाती है जैसे –
- पेट और कमर में लगातार या बार-बार ऐंठन
- सिरदर्द
- कभी-कभी उल्टी या दस्त
पीरियड क्रैम्प्स से राहत पाने के उपाय
- गर्म पानी या हीटिंग पैड
पेट या कमर पर गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड रखने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और ऐंठन कम होती है।
- हल्का व्यायाम और योग
हल्का व्यायाम जैसे स्ट्रेचिंग, पैदल चलना और योग रक्त संचार को बेहतर बनाता है और दर्द कम करता है।
- हर्बल और गर्म पेय
अदरक, हल्दी, तुलसी या कैमोमाइल चाय पीने से शरीर को गर्मी मिलती है और मांसपेशियों में ऐंठन कम होती है।
- संतुलित आहार
- ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दाल और नट्स का सेवन करें
- अत्यधिक कैफीन, तैलीय और मीठा भोजन कम करें
- पानी की पर्याप्त मात्रा लें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे
- आराम और पर्याप्त नींद
पर्याप्त नींद और आराम से तनाव कम होता है और मांसपेशियों की सिकुड़न घटती है।
6.दवाइयां (डॉक्टर की सलाह से) हमेशा दवा डॉक्टर के सलाह से ही लें
कब डॉक्टर से मिलें
- अगर दर्द बहुत तीव्र हो और रोजमर्रा के काम को प्रभावित करे
- मासिक धर्म असामान्य रूप से लंबा या बहुत अधिक रक्तस्राव हो
- उल्टी, बुखार या पेट में सूजन जैसी समस्या के साथ दर्द हो
यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है जैसे एंडोमेट्रियोसिस या यूटेरिन फाइब्रॉएड, इसलिए समय पर परामर्श लेना जरूरी है।
पीरियड क्रैम्प्स एक सामान्य समस्या है, लेकिन संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, हर्बल चाय, गर्म पानी और पर्याप्त नींद जैसी सरल चीजें अपनाकर दर्द में काफी राहत पाई जा सकती है। इसके साथ ही, दर्द असामान्य होने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
