बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और सुकून लेकर आता है। चारों ओर फैली हरियाली और बारिश की फुहारें मन को तो खुश कर देती हैं, लेकिन यही मौसम कई तरह की बीमारियों और संक्रमण का खतरा भी बढ़ा देता है। इस दौरान वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया, फूड पॉइजनिंग और त्वचा संबंधी समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में मौसम का आनंद लेने के साथ-साथ अपनी दिनचर्या और खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है।
बारिश के मौसम में हमेशा ताजा, गर्म और हल्का भोजन करने की कोशिश करें। घर का बना भोजन इस मौसम में सबसे सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि लंबे समय तक रखा हुआ खाना जल्दी खराब हो सकता है। अपनी डाइट में दाल, खिचड़ी, दलिया, ओट्स, सूप, हरी सब्जियां और मौसमी फल शामिल करें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू और अन्य विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन फायदेमंद रहता है। अदरक, लहसुन, हल्दी और तुलसी जैसी प्राकृतिक चीजें भी शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं। वहीं सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, बासी भोजन, अधिक तला-भुना खाना और बिना साफ पानी से बनी चीजों से बचना चाहिए।
मॉनसून में कपड़ों का चुनाव भी सोच-समझकर करना चाहिए। हल्के, आरामदायक और जल्दी सूखने वाले कपड़े पहनना बेहतर रहता है। बहुत मोटे या लंबे समय तक गीले रहने वाले कपड़े फंगल इंफेक्शन और त्वचा की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। बाहर निकलते समय रेनकोट या छाता साथ रखें और वाटरप्रूफ या एंटी-स्लिप फुटवियर पहनें, ताकि फिसलने और पैरों में संक्रमण का खतरा कम हो। यदि बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही गीले कपड़े बदल लें, बालों और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और साफ कपड़े पहनें।
इस मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं। पीने के लिए हमेशा साफ या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बनता है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों का उपयोग करना चाहिए।
बारिश के मौसम में त्वचा और बालों की देखभाल भी जरूरी होती है। अधिक नमी के कारण त्वचा पर रैशेज और फंगल इंफेक्शन की समस्या हो सकती है। इसलिए त्वचा को साफ और सूखा रखें तथा जरूरत पड़ने पर एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें। यदि बाल बारिश में भीग जाएं तो उन्हें जल्द से जल्द साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें, ताकि स्कैल्प संक्रमण से बचा जा सके।
स्वस्थ रहने के लिए केवल अच्छा भोजन ही नहीं, बल्कि नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। यदि बारिश के कारण बाहर टहलना संभव न हो, तो घर पर योग, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करें। साथ ही रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद लें, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। परिवार के साथ समय बिताएं, किताबें पढ़ें, संगीत सुनें या अपनी पसंद की किसी गतिविधि में समय दें, ताकि मन भी प्रसन्न रहे।
बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। उन्हें बारिश में भीगने से बचाएं, पौष्टिक भोजन दें और यदि बुखार, खांसी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
बारिश का मौसम प्रकृति का खूबसूरत उपहार है। यदि इस दौरान सही खान-पान, साफ-सफाई, उचित कपड़ों और स्वस्थ दिनचर्या का ध्यान रखा जाए, तो बिना किसी चिंता के इस मौसम का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। याद रखें, छोटी-छोटी सावधानियां ही आपको और आपके परिवार को पूरे मॉनसून में स्वस्थ और सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका हैं।
