लखनऊ में साहित्य, कविता, लेखन और कला का खूबसूरत संगम देखने को मिला LWG LitFest 4.0 में। Literary Warriors Group की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय लिटरेचर फेस्टिवल का मुख्य विषय “भाषा & Beyond” रहा। 3 और 4 अक्टूबर को लखनऊ मेट्रो क्लब ऑडिटोरियम में आयोजित इस फेस्टिवल में साहित्य की अलग-अलग विधाओं और भाषाओं को एक मंच मिला।
फेस्टिवल का आयोजन Literary Warriors Group की Founder Neelam Saxena और Co-Founder Dr. Renu Mishra की पहल पर किया गया। वहीं Program Coordinator Salil Jain और Sunil Joshi ने आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साहित्य से कविता तक कई रंग
LWG LitFest 4.0 का उद्घाटन UP Metro के Managing Director सुशील कुमार ने किया। इस दौरान प्रशांत मिश्रा, Director Operations, UP Metro, नवीन कुमार, Director Systems & Rolling Stock, UP Metro समेत LWG की टीम मौजूद रही।
फेस्टिवल के पहले दिन दो हॉल ‘अभिव्यक्ति’ और ‘कला-कुटीर’ में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें Book Launches, Poetry Sessions, Panel Discussions, Writing Workshops और Open Mic जैसे सेगमेंट शामिल रहे।
‘पोएटिक लाइसेंस’, ‘काव्य मंच’ और ‘गुफ़्तगू विद सादिया सिद्दीकी’ जैसे सेशंस ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। इन कार्यक्रमों के जरिए साहित्य और कविता के साथ-साथ कलाकारों और लेखकों के अनुभवों को भी दर्शकों तक पहुंचाया गया। इन खास बातचीत और सेशंस को होस्ट करने में चारू कालरा की भी अहम भूमिका रही।
किताबों के साथ विचारों का विमोचन
फेस्टिवल में एक खास Book Launch Session भी आयोजित किया गया। इस दौरान कई साहित्यिक कृतियों का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में Sunil Kumar Verma, DRM Lucknow/NR, Gaurav Agarwal, DRM Lucknow/NER, Sanjeev Jaiswal, Amber Kharbanda और LWG की Co-Founder Dr. Renu Mishra की मौजूदगी रही।
LWG की compilation ‘Rewind – Yaadein Unplugged’, Neelam Saxena Chandra की ‘The Souls Sky’, Santosh Bakaya की ‘My Papa’s Lawn Mower and Other Spring Poems’, Surekha Sahu की ‘Zindagi Har Pal Nikharti Hai’, Sangeeta Garg की ‘Anant Bandhan’, Somdatta Mitra की ‘Pocket Full of Whispers’ और Jawahar Lal की ‘An Audience with the God of Death’ जैसी पुस्तकों को भी फेस्टिवल में जगह मिली।
दूसरे दिन साहित्य के साथ संगीत और शायरी
लिटफेस्ट के दूसरे दिन साहित्य के साथ संगीत और शायरी का खूबसूरत मेल देखने को मिला। Special Guest Sanjeevani Bhelande ने अपनी शानदार गायकी से पूरे माहौल को सुरों से भर दिया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने और संगीत के साथ जुड़ने का मौका दिया।
वहीं Divya Bhattacharya ने अपनी कविता प्रस्तुति के जरिए दर्शकों को पुराने लखनऊ की तहज़ीब और उसकी खूबसूरत सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
कार्यक्रम के अतिथि Retired Major Mohammad Ali Shah ने अपनी शायरी से महफिल में चार चांद लगाए। उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा और साहित्यिक माहौल में शायरी का रंग और गहरा हो गया।
लखनऊ की कला और हस्तशिल्प की झलक
LWG LitFest 4.0 में साहित्य के साथ-साथ लखनऊ की कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में Pakhi Lucknow की मौजूदगी ने फेस्टिवल के रचनात्मक पक्ष को और खास बनाया।
Pakhi Lucknow की Founder Swati Jain ने Lucknowi Chikankari और handcrafted clothing के जरिए पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक फैशन के खूबसूरत मेल को प्रस्तुत किया। इससे फेस्टिवल में लखनऊ की स्थानीय कला और विरासत को भी एक मंच मिला।
कुल मिलाकर, LWG LitFest 4.0 ने लखनऊ में साहित्य, कविता, संगीत, कला और संस्कृति को एक साथ लाने का काम किया। “भाषा & Beyond” की थीम के साथ आयोजित इस फेस्टिवल में भाषा की सीमाओं से आगे बढ़कर विचारों, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के कई रंग देखने को मिले।
