पहाड़ों की ऊंचाइयों पर चढ़ना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। कम ऑक्सीजन, बदलता मौसम और मुश्किल रास्तों के बीच पर्वतारोहियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन महिला पर्वतारोहियों के सामने कुछ ऐसी चुनौतियां भी आती हैं, जिनके बारे में अक्सर खुलकर बात नहीं होती। ऐसी ही एक परिस्थिति का सामना पर्वतारोही योगेश्वरी को करना पड़ा, जब करीब 16,000 फीट की ऊंचाई पर उन्हें पीरियड्स आ गए।
योगेश्वरी ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा किया, जिसके बाद उनका वीडियो चर्चा में आ गया। उन्होंने बताया कि उस समय उनके पास सैनिटरी पैड खत्म हो चुके थे और पर्वतीय यात्रा पूरी होने में अभी चार से पांच दिन बाकी थे। आसपास न कोई दुकान थी और न ही ऐसी कोई सुविधा, जहां से उन्हें सैनिटरी पैड मिल सकते थे। वहां कोई दूसरी महिला भी मौजूद नहीं थी, जिससे वह इस स्थिति में मदद मांग सकें।
टिशू पेपर और डॉक्टर टेप से बनाया अस्थायी पैड
इस मुश्किल परिस्थिति में योगेश्वरी ने अपनी सूझबूझ का इस्तेमाल किया। उन्होंने टिशू पेपर को कई बार मोड़कर उसकी मोटी परत बनाई और डॉक्टर टेप की मदद से उसे व्यवस्थित किया। इस तरह उन्होंने सैनिटरी पैड के विकल्प के रूप में एक अस्थायी उपाय तैयार किया, ताकि अपनी यात्रा के दौरान इस परेशानी को संभाल सकें।
उनका यह अनुभव दिखाता है कि दुर्गम इलाकों में छोटी-सी जरूरत पूरी करना भी कितना मुश्किल हो सकता है। खासकर तब, जब आसपास जरूरी सामान खरीदने या किसी से मदद लेने की कोई सुविधा न हो।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
योगेश्वरी का वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने उनकी हिम्मत और मुश्किल समय में समाधान निकालने की क्षमता की तारीफ की। महिलाओं ने भी इस बात पर ध्यान दिलाया कि लंबी यात्राओं और पर्वतारोहण के दौरान मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों पर चर्चा करना जरूरी है।
अक्सर पर्वतारोहण की कहानियों में उपलब्धियों, रोमांच और कठिन रास्तों की बात होती है, लेकिन महिलाओं की व्यक्तिगत जरूरतों और उनके सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर कम ध्यान दिया जाता है। योगेश्वरी का अनुभव इसी पहलू को सामने लाता है।
पर्वतीय यात्राओं पर महिलाओं के लिए जरूरी है तैयारी
लंबी पर्वतीय यात्रा पर जाने वाली महिलाओं के लिए पीरियड्स से जुड़ी तैयारी करना उपयोगी हो सकता है। यात्रा की अवधि के अनुसार पर्याप्त सैनिटरी पैड या अपने लिए उपयुक्त मासिक धर्म उत्पाद साथ रखना चाहिए। इसके अलावा अतिरिक्त अंडरगारमेंट्स, साफ कपड़े, हाथों की सफाई के लिए जरूरी सामान और इस्तेमाल किए गए उत्पादों को रखने के लिए बंद थैलियां भी साथ रखनी चाहिए।
कुछ महिलाएं मासिक धर्म कप जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन इसके लिए पहले से जानकारी, सही इस्तेमाल और स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। वहीं, टिशू पेपर और टेप से बनाया गया अस्थायी पैड नियमित सैनिटरी पैड का सुरक्षित या भरोसेमंद विकल्प नहीं है। इससे रिसाव और स्किन में जलन हो सकती है।
योगेश्वरी की कहानी सिर्फ एक मुश्किल परिस्थिति से निपटने की नहीं, बल्कि उन चुनौतियों की भी है, जिनका सामना महिलाएं अपनी मंजिल तक पहुंचने के दौरान करती हैं। उनका अनुभव याद दिलाता है कि महिलाओं की जरूरतों पर खुलकर बात करना और ऐसी परिस्थितियों के लिए बेहतर तैयारी करना कितना जरूरी है।
